धर्म-अध्यात्म

साफ-सफाई से खरीदारी तक, धनतेरस पर रखें इन पांच बातों का ख्याल

nidhi
2 Nov 2026 10:20 AM IST
साफ-सफाई से खरीदारी तक, धनतेरस पर रखें इन पांच बातों का ख्याल
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धर्म डेस्क : धनतेरस का पर्व सुख-समृद्धि, आरोग्य और मंगलकामना से जुड़ा है। वर्ष 2026 में धनतेरस शुक्रवार, 6 नवंबर को मनाई जाएगी। इस अवसर पर लोग पूजा-अर्चना करते हैं और अपनी परंपरा तथा सामर्थ्य के अनुसार खरीदारी करते हैं। त्योहार की तैयारियों के बीच कुछ बातों का ध्यान रखना उपयोगी है। हालांकि, किसी खास वस्तु को खरीदने या पूजा में अनजाने में हुई भूल से व्यक्ति का निर्धन हो जाना सिद्ध तथ्य नहीं है। ऐसे दावे धार्मिक और लोक मान्यताओं के संदर्भ में ही समझने चाहिए।

पहली गलती है केवल खरीदारी पर ध्यान देना और घर की साफ-सफाई अधूरी छोड़ देना। कई परिवारों में त्योहार से पहले घर और पूजा स्थल को व्यवस्थित करने की परंपरा है। खरीदारी की भागदौड़ में मुख्य द्वार, पूजा की जगह और आने-जाने के रास्तों पर सामान जमा न होने दें। सफाई का उद्देश्य घर को स्वच्छ और सुविधाजनक बनाना होना चाहिए। इसे धन आने या चले जाने की निश्चित शर्त मानना उचित नहीं है। दूसरी गलती है दूसरों की देखादेखी अपनी क्षमता से ज्यादा खर्च करना। धनतेरस पर सोना-चांदी या महंगी वस्तु खरीदना हर व्यक्ति के लिए जरूरी नहीं है। त्योहार मनाने के लिए कर्ज लेकर खरीदारी करना या घर की आवश्यक जरूरतों का पैसा खर्च कर देना बाद में परेशानी बढ़ा सकता है। अपनी जरूरत और उपलब्ध बजट के अनुसार छोटी खरीदारी करना भी पर्याप्त है। श्रद्धा का आकलन खरीदी गई वस्तु की कीमत से नहीं किया जाना चाहिए।
तीसरी गलती है भीड़ और ऑफर के उत्साह में सामान की जांच किए बिना भुगतान कर देना। खरीदते समय वस्तु की गुणवत्ता, कुल कीमत, अतिरिक्त शुल्क और वापसी की शर्तें समझ लें। बिल सुरक्षित रखें। ऑनलाइन खरीदारी में अनजान लिंक और असामान्य रूप से सस्ते प्रस्तावों से सावधान रहें। किसी ऑफर को केवल ‘आज आखिरी मौका’ बताकर प्रस्तुत किया जा रहा हो, तब भी निर्णय लेने से पहले जानकारी पढ़ना उपयोगी है।
चौथी गलती है पूजा और दीयों की सजावट के दौरान सुरक्षा भूल जाना। जलते दीये पर्दों, कागज, कपड़ों और अन्य ज्वलनशील सामान से दूर रखें। उन्हें स्थिर सतह पर रखें और बच्चों की पहुंच से बचाएं। पूजा स्थल पर इतनी भीड़ या सामान न हो कि किसी का हाथ लगने से दीया गिर जाए। त्योहार के उत्साह में जलते दीयों को बिना निगरानी छोड़ना टालें।
पांचवीं गलती है त्योहार के नाम पर परिवार पर दबाव बनाना या अनावश्यक विवाद करना। किसी सदस्य की आर्थिक स्थिति, खरीदारी या पूजा की जानकारी को लेकर ताने देना उत्सव का आनंद कम कर सकता है। घर की परंपराएं मिलकर निभाएं और बुजुर्गों तथा बच्चों की सुविधाओं का ध्यान रखें। किसी वायरल संदेश के आधार पर परिवार में यह डर न फैलाएं कि एक सामान्य भूल से अनिवार्य रूप से आर्थिक संकट आ जाएगा। धनतेरस की तैयारी में स्वच्छता, संयम, सुरक्षित पूजा और सोच-समझकर खरीदारी को प्राथमिकता दी जा सकती है। धार्मिक रीति-रिवाज परिवार और क्षेत्र के अनुसार अलग हो सकते हैं। पूजा का समय जानने के लिए अपने शहर के अनुसार पंचांग देखें, क्योंकि स्थानीय समय में अंतर हो सकता है।
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