धर्म-अध्यात्म

शारदीय नवरात्र में राशि अनुसार लगाएं मां दुर्गा को भोग, जानें खास मंत्र

nidhi
7 Oct 2026 9:39 AM IST
शारदीय नवरात्र में राशि अनुसार लगाएं मां दुर्गा को भोग, जानें खास मंत्र
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मां दुर्गा की कृपा पाने की मान्यता
धर्म डेस्क: शारदीय नवरात्र 2026 की शुरुआत रविवार, 11 अक्टूबर से हो रही है। इसी दिन घटस्थापना के साथ मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना शुरू होगी। पंचांग के अनुसार प्रतिपदा तिथि 10 अक्टूबर की रात 9:19 बजे से शुरू होकर 11 अक्टूबर की रात 9:30 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार नवरात्र का पहला दिन 11 अक्टूबर को माना जाएगा। घटस्थापना का प्रमुख शुभ समय सुबह 6:32 बजे से 10:26 बजे तक बताया गया है, जबकि अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:02 से 12:48 बजे तक रहेगा।
नवरात्र में भक्त मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं। धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं में राशि के अनुसार अलग-अलग भोग और मंत्र जप का भी उल्लेख मिलता है। माना जाता है कि श्रद्धापूर्वक पूजा करने से मन को शांति और सकारात्मकता मिलती है। यहां दिए गए उपाय धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय परंपराओं पर आधारित हैं।
मेष राशि: मेष राशि के जातक मां दुर्गा को गुड़ या गुड़ से बनी मिठाई का भोग लगा सकते हैं। पूजा के दौरान “ॐ दुं दुर्गायै नमः” मंत्र का जप करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे आत्मविश्वास और साहस बढ़ाने में आध्यात्मिक सहारा मिलता है।
वृषभ राशि: वृषभ राशि वाले देवी को सफेद मिठाई, खीर या मिश्री अर्पित कर सकते हैं। “ॐ गौर्यै नमः” मंत्र का जप करने की परंपरा है। इसे पारिवारिक सुख और मानसिक शांति से जोड़कर देखा जाता है।
मिथुन राशि: मिथुन राशि के जातक मां को हरे फल या मूंग से बने प्रसाद का भोग लगा सकते हैं। “ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे” मंत्र का श्रद्धापूर्वक जप किया जा सकता है।
कर्क राशि: कर्क राशि वालों के लिए दूध, खीर या मखाने का भोग उपयुक्त माना जाता है। पूजा करते समय “ॐ शैलपुत्र्यै नमः” मंत्र का जप किया जा सकता है।
सिंह राशि: सिंह राशि के जातक गुड़, केसर से बनी मिठाई या लाल फल देवी को अर्पित कर सकते हैं। इनके लिए “ॐ दुर्गायै नमः” मंत्र का जप शुभ माना जाता है।
कन्या राशि: कन्या राशि वाले मां दुर्गा को हरे फल या नारियल अर्पित कर सकते हैं। “ॐ ब्रह्मचारिण्यै नमः” मंत्र का जप करने की धार्मिक मान्यता है।
तुला राशि: तुला राशि के जातक देवी को खीर, मिश्री या दूध से बनी मिठाई चढ़ा सकते हैं। “ॐ महागौर्यै नमः” मंत्र का जप किया जा सकता है।
वृश्चिक राशि: वृश्चिक राशि के लिए गुड़, लाल फल या अनार का भोग शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान “ॐ कालरात्र्यै नमः” मंत्र जपने की परंपरा है।
धनु राशि: धनु राशि वाले चने की दाल से बनी मिठाई, बेसन के लड्डू या पीले फल अर्पित कर सकते हैं। “ॐ कात्यायन्यै नमः” मंत्र का जप किया जा सकता है।
मकर राशि: मकर राशि के जातक तिल, गुड़ या उससे बने प्रसाद का भोग लगा सकते हैं। “ॐ दुं दुर्गायै नमः” मंत्र का जप करने की मान्यता है।
कुंभ राशि: कुंभ राशि वाले काले तिल से बना प्रसाद या सूखे मेवे अर्पित कर सकते हैं। इनके लिए “ॐ कालरात्र्यै नमः” मंत्र का जप शुभ माना जाता है।
मीन राशि: मीन राशि के जातक पीली मिठाई, केले या केसरयुक्त खीर का भोग लगा सकते हैं। “ॐ सिद्धिदात्र्यै नमः” मंत्र का जप किया जा सकता है।
नवरात्र के दौरान पूजा में सबसे महत्वपूर्ण श्रद्धा, स्वच्छता और सात्विकता मानी जाती है। भक्त अपनी क्षमता के अनुसार फल, फूल, दीप और नैवेद्य अर्पित कर सकते हैं। किसी विशेष वस्तु का भोग लगाना अनिवार्य नहीं है।
इस वर्ष शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर से शुरू होकर 19 अक्टूबर तक चलेगा, जबकि विजयादशमी 20 अक्टूबर को मनाई जाएगी। धार्मिक परंपरा के अनुसार नौ दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है।
राशि अनुसार बताए गए भोग और मंत्र ज्योतिषीय तथा धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें जीवन की समस्याओं के निश्चित समाधान के रूप में नहीं, बल्कि आस्था और आध्यात्मिक अभ्यास के रूप में देखना उचित है।
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