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Gupt नवरात्रि की सही डेट पर संशय खत्म, जानें 9 दिन का पूरा महत्व

Religion धर्म : हर वर्ष आषाढ़ मास में आने वाली गुप्त नवरात्रि देवी दुर्गा की उपासना का एक विशेष और अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। यह पर्व मुख्य रूप से तंत्र, मंत्र और शक्ति साधना से जुड़ा होता है, जिसमें साधक गुप्त रूप से मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना करते हैं।
इस वर्ष गुप्त नवरात्रि आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू हो रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह नवरात्रि विशेष रूप से साधना, सिद्धि और आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त करने के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। इस बार गुप्त नवरात्रि का आरंभ कई दुर्लभ और शुभ ज्योतिषीय संयोगों के साथ हो रहा है, जिससे इसका धार्मिक महत्व और अधिक बढ़ गया है।गुप्त नवरात्रि कुल 9 दिनों की होती है, जिसमें हर दिन देवी दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। इन दिनों में साधक विशेष नियमों का पालन करते हुए उपवास रखते हैं और ध्यान, जप तथा साधना में लीन रहते हैं। माना जाता है कि इस अवधि में की गई साधना का फल अत्यंत शीघ्र और प्रभावशाली होता है।
इस दौरान घटस्थापना का विशेष महत्व होता है। घटस्थापना शुभ मुहूर्त में की जाती है, जिसमें कलश स्थापना कर देवी शक्ति का आह्वान किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सही विधि और मुहूर्त में घटस्थापना करने से घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है।गुप्त नवरात्रि का उद्देश्य केवल पूजा-पाठ ही नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और आंतरिक शक्ति को जाग्रत करना भी होता है। इस दौरान साधक भोग-विलास से दूर रहकर संयमित जीवन अपनाते हैं और देवी की साधना में पूर्ण रूप से समर्पित रहते हैं।
मान्यता है कि गुप्त नवरात्रि में की गई पूजा से साधक को विशेष सिद्धियां प्राप्त होती हैं और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं। साथ ही यह भी माना जाता है कि इस समय की गई साधना सामान्य नवरात्रि की तुलना में अधिक प्रभावशाली होती है क्योंकि यह अधिक गुप्त और अनुशासित रूप में की जाती है।इस प्रकार गुप्त नवरात्रि न केवल धार्मिक आस्था का पर्व है, बल्कि यह आत्मिक उन्नति और आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त करने का भी महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है।





