धर्म-अध्यात्म

Jyeshtha Purnima पर जल, अन्न, वस्त्र और दही-चावल का दान माना जाता है बेहद शुभ

nidhi
29 May 2026 3:05 PM IST
Jyeshtha Purnima पर जल, अन्न, वस्त्र और दही-चावल का दान माना जाता है बेहद शुभ
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ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा पर क्या दान करना होता है शुभ?
Purnima 2026: सनातन धर्म में पूर्णिमा तिथि को बेहद पवित्र और फलदायी माना गया है, लेकिन जब यह पूर्णिमा ज्येष्ठ मास और वह भी अधिक मास में पड़े, तो इसका महत्व कई हजार गुना बढ़ जाता है. अधिक मास की पूर्णिमा को ‘पुरुषोत्तम पूर्णिमा’ के नाम से भी जाना जाता है. यह दिन भगवान श्रीहरि विष्णु और माता लक्ष्मी को समर्पित है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने और सामर्थ्य अनुसार दान-पुण्य करने से पापों का नाश होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है. आइए जानते हैं कि ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा के इस महासंयोग पर किन चीजों का दान करना सबसे शुभ माना गया है.
ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा पर करें इन चीजों का दान
ज्येष्ठ महीने में भीषण गर्मी पड़ती है. ऐसे में प्यासे को पानी पिलाना बहुत पुण्यदायक माना जाता है. पूर्णिमा के दिन मिट्टी के घड़े में पानी भरकर दान करना या राहगीरों के लिए प्याऊ लगवाना शुभ माना गया है. मान्यता है कि इससे पितर प्रसन्न होते हैं और कुंडली का चंद्र दोष शांत होता है.
इस दिन अन्न दान करना बेहद शुभ माना गया है. हिंदू धर्म में अन्नदान को महादान कहा गया है. गरीबों और जरूरतमंदों को चावल, गेहूं, दाल समेत अन्य खाद्य सामग्री का दान करना चाहिए. कहते हैं कि इससे घर में कभी अन्न-धन की कमी नहीं होती और मां अन्नपूर्णा का आशीर्वाद बना रहता है.
ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा पर तरबूज, खरबूजा, खीरा और ककड़ी जैसे मौसमी फलों का दान करना भी बहुत उत्तम माना गया है.
इस दिन धूप और गर्मी से राहत दिलाने के लिए हाथ का पंखा या छाता दान करना शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इससे राहु-केतु के अशुभ प्रभाव कम होते हैं.
चूंकि पूर्णिमा के दिन चंद्र देव अपनी पूर्ण कलाओं में होते हैं, इसलिए इस दिन दूध, दही, चावल, चीनी या चांदी का दान करने से मानसिक शांति मिलती है और आर्थिक तंगी दूर होती है.
विवाहित महिलाओं को इस दिन सुहाग का सामान, जैसे चूड़ियां, सिंदूर, बिंदी आदि का दान करना चाहिए. माना जाता है कि इससे सौभाग्य बढ़ता है और वैवाहिक जीवन में मधुरता आती है.
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