धर्म-अध्यात्म

इस दिन करें यह एक कार्य, दूर होंगे सभी दुख

Deepa Sahu
19 April 2023 2:44 PM IST
इस दिन करें यह एक कार्य, दूर होंगे सभी दुख
x
सप्ताह का हर दिन किसी न किसी देवी देवता की पूजा को समर्पित होता है। वही गुरुवार का दिन ​भगवान विष्णु की पूजा के लिए उत्तम माना जाता है। इस दिन भक्त भगवान को प्रसन्न करने के लिए उनकी विधिवत पूजा करते हैं और व्रत आदि भी रखते हैं
मान्यता है कि इस दिन पूजा पाठ और व्रत के साथ साथ अगर श्री सत्यनारायणाष्टकम् स्तोत्र का विधिवत पाठ किया जाए तो साधक को विशेष लाभ मिलता है इस पाठ को आप पूर्णिमा के दिन भी कर सकते हैं। मान्यता है कि ये चमत्कारी पाठ जीवन में सुख शांति और धन आगमन में वृद्धि करता है तो आज हम आपके लिए लेकर आए है, श्री सत्यनारायणाष्टकम् स्तोत्र पाठ।
श्री सत्यनारायणाष्टकम् स्तोत्र—
आदिदेवं जगत्कारणं श्रीधरं लोकनाथं विभुं व्यापकं शंकरम् ।
सर्वभक्तेष्टदं मुक्तिदं माधवं सत्यनारायणं विष्णुमीशम्भजे ॥१॥
सर्वदा लोककल्याणपारायणं देवगोविप्ररक्षार्थसद्विग्रहम् ।
दीनहीनात्मभक्ताश्रयं सुन्दरम् श्रीसत्यनारायणाष्टकम् ॥२॥
दक्षिणे यस्य गंगा शुभा शोभते राजते सा रमा यस्य वामे सदा ।
यः प्रसन्नाननो भाति भव्यश्च तं श्रीसत्यनारायणाष्टकम् ॥३॥
संकटे संगरे यं जनः सर्वदा स्वात्मभीनाशनाय स्मरेत् पीडितः ।
पूर्णकृत्यो भवेद् यत्प्रसादाच्च तं श्रीसत्यनारायणाष्टकम् ॥४॥
वाञ्छितं दुर्लभं यो ददाति प्रभुः साधवे स्वात्मभक्ताय भक्तिप्रियः ।
सर्वभूताश्रयं तं हि विश्वम्भरं श्रीसत्यनारायणाष्टकम् ॥५॥
ब्राह्मणः साधुवैश्यश्च तुंगध्वजो येऽभवन् विश्रुता यस्य भक्त्यामराः ।
लीलया यस्य विश्वं ततं तं विभुं श्रीसत्यनारायणाष्टकम् ॥६॥
येन चाब्रम्हाबालतृणं धार्यते सृज्यते पाल्यते सर्वमेतज्जगत् ।
भक्तभावप्रियं श्रीदयासागरं श्रीसत्यनारायणाष्टकम् ॥७॥
सर्वकामप्रदं सर्वदा सत्प्रियं वन्दितं देववृन्दैर्मुनीन्द्रार्चितम् ।
पुत्रपौत्रादिसर्वेष्टदं शाश्वतं श्रीसत्यनारायणाष्टकम् ॥८॥
अष्टकं सत्यदेवस्य भक्त्या नरः भावयुक्तो मुदा यस्त्रिसन्ध्यं पठेत् ।
तस्य नश्यन्ति पापानि तेनाग्निना इन्धनानीव शुष्काणि सर्वाणि वै ॥९॥
॥श्रीसत्यनारायणाष्टकम् सम्पूर्णम्॥
Next Story