धर्म-अध्यात्म

Ashadha Amavasya पर करें ये उपाय, घर में बनी रहेगी सुख-शांति

Tara Tandi
13 July 2026 5:52 PM IST
Ashadha Amavasya पर करें ये उपाय, घर में बनी रहेगी सुख-शांति
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Ashadha Amavasya ज्योतिष न्यूज़: हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि को आत्मचिंतन, पितृ स्मरण, दान-पुण्य और ईश्वर आराधना का विशेष दिन माना गया है। धर्मशास्त्रों में अमावस्या को पितरों के निमित्त तर्पण, दान और सात्विक जीवन अपनाने की तिथि बताया गया है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक किए गए शुभ कार्यों से घर में सुख-शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। पंचांग के अनुसार अमावस्या तिथि की शुरुआत 13 जुलाई 2026 को शाम 6 बजकर 50 मिनट पर होगी और इसका समापन 14 जुलाई को दोपहर 3 बजकर 14 मिनट पर होगा। उदया तिथि के आधार पर 14 जुलाई को ही आषाढ़ अमावस्या का व्रत, स्नान,
दान और पितृ तर्पण करना शुभ माना जाएगा।
भगवान और पितरों का स्मरण
धार्मिक मान्यता के अनुसार आषाढ़ अमावस्या के दिन ब्रह्म मुहूर्त या सूर्योदय के बाद स्नान करके भगवान विष्णु, भगवान शिव और अपने पितरों का स्मरण करना शुभ माना जाता है। यदि संभव हो तो तिल मिश्रित जल से पितरों का तर्पण करें। मान्यता है कि इससे पितृ प्रसन्न होते हैं और परिवार पर उनका आशीर्वाद बना रहता है। जिन लोगों के लिए तर्पण करना संभव न हो, वे अपने पूर्वजों को श्रद्धापूर्वक याद कर उनकी शांति के लिए प्रार्थना कर सकते हैं।
दान और सेवा से बढ़ता है पुण्य
गरुड़ पुराण और अन्य धार्मिक ग्रंथों में अमावस्या पर दान का विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन अपनी सामर्थ्य के अनुसार अन्न, वस्त्र, काले तिल, फल या जरूरतमंदों को भोजन कराना अत्यंत शुभ माना जाता है। गौसेवा, पक्षियों को दाना डालना तथा पीपल या अन्य छायादार वृक्षों को जल अर्पित करना भी पुण्यदायी माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि निस्वार्थ भाव से किया गया दान घर में बरकत और मानसिक शांति का कारण बनता है।
घर में करें दीपदान और सात्विक पूजा
संध्याकाल में घर के मंदिर में घी का दीपक जलाकर भगवान विष्णु, शिव और माता लक्ष्मी का स्मरण करें। यदि घर के आंगन या किसी पवित्र स्थान पर दीपदान किया जाए तो उसे भी शुभ माना गया है। इस दिन "ॐ नमः शिवाय" या "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जप करने से मन शांत होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। परिवार के सभी सदस्य मिलकर प्रार्थना करें तो घर का वातावरण भी अधिक सौहार्दपूर्ण बनता है।
इन बातों का रखें विशेष परहेज
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अमावस्या के दिन क्रोध, कटु वचन, विवाद और किसी का अपमान करने से बचना चाहिए। नशे का सेवन, तामसिक भोजन और अनावश्यक हिंसा से भी दूर रहने की सलाह दी गई है। इस दिन झूठ बोलना, जरूरतमंद को खाली हाथ लौटाना या माता-पिता तथा बुजुर्गों का अनादर करना भी शुभ नहीं माना जाता। संभव हो तो पूरे दिन सात्विक भोजन करें और मन, वचन तथा कर्म की पवित्रता बनाए रखें।
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