धर्म-अध्यात्म

आज करें बरगद के पेड़ के ये उपाय, दूर होगी हर कमी

Subhi
14 Jun 2022 2:42 AM GMT
आज करें बरगद के पेड़ के ये उपाय, दूर होगी हर कमी
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हिंदू धर्म में वट पूर्णिमा व्रत को बहुत महत्‍वपूर्ण माना गया है. ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा के दिन रखे जाने वाले इस व्रत में सुहागिनें बरगद के पेड़ की पूजा करती हैं. इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं.

हिंदू धर्म में वट पूर्णिमा व्रत को बहुत महत्‍वपूर्ण माना गया है. ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा के दिन रखे जाने वाले इस व्रत में सुहागिनें बरगद के पेड़ की पूजा करती हैं. इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं. इसे वट सावित्री व्रत भी कहते हैं. आज 14 जून 2022, मंगलवार को यह व्रत रखा जाएगा. लेकिन वट पूर्णिमा व्रत जीवन की तमाम समस्‍याओं को दूर करने और अपार सुख-समृद्धि पाने के लिहाज से भी बहुत अहम है. इस दिन किए गए कुछ खास उपाय प्रभावी फल देते हैं.

वट पूर्णिमा 2022 उपाय

वट पूर्णिमा के दिन बरगद के पेड़ की पूजा की जाती है. धर्म-शास्‍त्रों के मुताबिक इस पेड़ में भगवान विष्‍णु, भगवान ब्रह्मा और भगवान शंकर तीनों का वास होता है. इसके अलावा बरगद के पेड़ की पूजा करने से मां लक्ष्‍मी भी प्रसन्‍न होती हैं. जानते हैं बरगद के पेड़ के कुछ खास उपाय, जिन्‍हें आज करना आपके जीवन को खुशहाल बनाएगा.

पैसों की तंगी दूर करने का उपाय: गरीबी, पैसों की तंगी से परेशान हैं तो आज बरगद के पेड़ पर सफेद सूत का धागा 7 बार बांधे और उसके बाद जल अर्पित करें.

घर की कलह दूर करने का उपाय: घर में फैली नकारात्‍मकता, वास्‍तु दोष कलह का कारण बनते हैं. घर की अशांति को खत्‍म करने के लिए वट पूर्णिमा के दिन बरगद के पेड़ की टहनी घर के मंदिर के पास रख दें. इसे ऑफिस या दुकान में भी रख सकते हैं. इससे जीवन की सारी परेशानियां दूर हो जाएंगी.

तरक्‍की और कामों में आ रही बाधाएं दूर करने का उपाय: जीवन में आ रहीं बाधाओं को दूर करने के लिए वट पूर्णिमा के अलावा रविवार के दिन भी यह उपाय करें. इसके लिए बरगद के पेड़ के पत्‍ते पर अपनी मनोकामना लिखें और इसे नदी में बदा दें. ऐसा करने से बाधाएं दूर होंगी और आपकी मुराद पूरी होगी.

चंद्र दोष दूर करने का उपाय: जिन लोगों की कुंडली में चंद्र दोष है, वे आज रात शाम 07:29 बजे चंद्रोदय होने के बाद चंद्रमा की पूजा करें. इसके लिए जल में दूध, शक्कर, फूल और अक्षत मिलाकर चंद्र देव को अर्पित करें.


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