धर्म-अध्यात्म

दिवाली पर घर में न रखें ये 6 पौधे, वास्तु में माने जाते हैं अशुभ

Rajeshwari Nishad
31 Oct 2026 2:31 PM IST
दिवाली पर घर में न रखें ये 6 पौधे, वास्तु में माने जाते हैं अशुभ
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धर्म : दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही घरों में साफ-सफाई और सजावट का दौर शुरू हो जाता है। लोग अपने घर के कोने-कोने को चमकाने के साथ ही नई चीजें खरीदते हैं और घर को सुंदर बनाने के लिए तरह-तरह के पौधे भी लगाते हैं। हिंदू धर्म में दिवाली को सुख-समृद्धि और खुशहाली का पर्व माना जाता है। इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। वहीं वास्तु शास्त्र में भी दिवाली से पहले घर की साफ-सफाई और सकारात्मक वातावरण बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया है।
अक्सर लोग घर को हरा-भरा रखने के लिए कई तरह के पौधे लगा लेते हैं, लेकिन उनकी देखभाल नहीं कर पाते। कुछ पौधे सूखने लगते हैं, तो कुछ में कांटे निकल आते हैं। वास्तु की पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, घर में कुछ खास तरह के पौधे रखना शुभ नहीं माना जाता। मान्यता है कि ऐसे पौधे घर के वातावरण पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। अगर आपके घर में भी ऐसे पौधे मौजूद हैं, तो दिवाली से पहले उनकी स्थिति जरूर जांच लें। आइए जानते हैं किन 6 पौधों को लेकर वास्तु में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
1. सूखा और मुरझाया हुआ पौधा
वास्तु मान्यताओं के अनुसार, घर में सूखे और मुरझाए हुए पौधे रखना अच्छा नहीं माना जाता। पौधे घर में हरियाली और जीवन का प्रतीक होते हैं। ऐसे में अगर कोई पौधा लंबे समय से सूख रहा है और उसमें नई पत्तियां नहीं आ रही हैं, तो उसकी देखभाल करना जरूरी है।
मान्यता है कि सूखे पौधे घर के वातावरण में उदासी और ठहराव का प्रतीक माने जाते हैं। इसलिए दिवाली की सफाई के दौरान ऐसे पौधों को हटा देना चाहिए, जिन्हें बचाना संभव न हो। हालांकि, पौधा थोड़ा मुरझाया है तो पहले उसकी मिट्टी, पानी और धूप की व्यवस्था सुधारकर उसे बचाने की कोशिश करें।
2. कांटेदार कैक्टस का पौधा
कैक्टस एक ऐसा पौधा है जिसे कम पानी और देखभाल में भी आसानी से उगाया जा सकता है। यही कारण है कि लोग इसे घर की बालकनी और सजावट के लिए इस्तेमाल करते हैं। लेकिन वास्तु शास्त्र की कुछ मान्यताओं में कांटेदार पौधों को घर के अंदर रखना उचित नहीं माना जाता।
मान्यता है कि कांटे नकारात्मकता, तनाव और आपसी मतभेदों के प्रतीक होते हैं। इसलिए दिवाली से पहले घर के मुख्य हिस्सों और पूजा स्थल के आसपास रखे कांटेदार पौधों को हटाने की सलाह दी जाती है। हालांकि, इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि कैक्टस रखने से परिवार में तनाव या आर्थिक परेशानी होती है।
3. बोनसाई का पौधा
बोनसाई पौधा देखने में बेहद सुंदर लगता है। इसे छोटे गमले में विशेष तकनीक से छोटा आकार दिया जाता है। लोग इसे घर के अंदर सजावट के लिए खूब पसंद करते हैं। लेकिन वास्तु की पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, बोनसाई को घर में रखना शुभ नहीं माना जाता।
इसके पीछे मान्यता यह है कि बोनसाई पौधे की प्राकृतिक बढ़त को सीमित कर दिया जाता है। इसे विकास और प्रगति में रुकावट का प्रतीक माना जाता है। इसलिए कुछ वास्तु विशेषज्ञ घर में इसकी जगह सामान्य रूप से बढ़ने वाले हरे-भरे पौधे लगाने की सलाह देते हैं।
4. सूखा और कांटेदार बबूल
बबूल के पौधे में कांटे होते हैं और इसकी कुछ प्रजातियां तेजी से फैलती हैं। वास्तु की कुछ मान्यताओं के अनुसार, कांटेदार और सूखे पौधों को घर के आसपास रखने से बचना चाहिए।
ऐसा माना जाता है कि इस तरह के पौधे घर के वातावरण में तनाव और अशांति का प्रतीक बन सकते हैं। अगर घर के आंगन या मुख्य प्रवेश द्वार के पास बबूल का कोई सूखा पौधा लगा है, तो दिवाली से पहले उसकी सफाई और उचित देखभाल करें। पौधे को हटाने का निर्णय उसकी स्थिति और स्थानीय पर्यावरण को ध्यान में रखकर ही लें।
5. इमली का पेड़
इमली का पेड़ अपनी घनी शाखाओं और पत्तियों के लिए जाना जाता है। इसके फल खाने में खट्टे होते हैं और कई व्यंजनों में इस्तेमाल किए जाते हैं। लेकिन वास्तु और लोक मान्यताओं में घर के बिल्कुल पास इमली का बड़ा पेड़ लगाने से बचने की सलाह दी जाती है।
कुछ मान्यताओं के अनुसार, इमली के पेड़ से घर के आसपास भारीपन और नकारात्मकता का माहौल बन सकता है। हालांकि, इसके पीछे कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। व्यावहारिक रूप से देखा जाए तो बहुत बड़ा पेड़ घर की रोशनी रोक सकता है और उसकी जड़ें मकान की संरचना को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए पेड़ लगाने की जगह का चुनाव सोच-समझकर करना चाहिए।
6. मेहंदी का पौधा
मेहंदी का पौधा भारतीय परंपरा में शुभ अवसरों और त्योहारों से जुड़ा हुआ है। शादी-ब्याह और करवा चौथ जैसे त्योहारों में मेहंदी लगाने का विशेष महत्व होता है। इसके बावजूद वास्तु की कुछ मान्यताओं में घर के मुख्य हिस्सों में मेहंदी का पौधा लगाने से बचने की सलाह दी जाती है।
लोक मान्यताओं में मेहंदी के पौधे को रात के समय नकारात्मक शक्तियों से जोड़कर भी देखा जाता है। हालांकि, इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। मेहंदी एक सामान्य उपयोगी पौधा है और इसे रखने से घर में किसी तरह की अनहोनी होने का प्रमाण नहीं मिला है।
दिवाली से पहले घर में लगाएं ये शुभ पौधे
वास्तु मान्यताओं के अनुसार, दिवाली से पहले घर में कुछ हरे-भरे और उपयोगी पौधे लगाना शुभ माना जाता है। तुलसी, मनी प्लांट, शमी और गुड़हल जैसे पौधों को घर की सजावट और धार्मिक परंपराओं में विशेष स्थान दिया गया है।
तुलसी को हिंदू धर्म में पवित्र माना जाता है। मनी प्लांट को समृद्धि का प्रतीक माना जाता है, जबकि शमी का संबंध भगवान शिव और शनिदेव की पूजा से जोड़ा जाता है। गुड़हल के फूल पूजा में इस्तेमाल किए जाते हैं।
इन पौधों को लगाने से पहले उनकी धूप, पानी और मिट्टी की जरूरतों का ध्यान रखना जरूरी है। केवल धार्मिक मान्यता के आधार पर पौधे लगाने के बजाय उनकी सही देखभाल भी करनी चाहिए।
दिवाली पर घर को सकारात्मक बनाने के लिए अपनाएं ये टिप्स
दिवाली से पहले घर के मुख्य द्वार, बालकनी और पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई करें। गमलों में जमा सूखी पत्तियां और खरपतवार हटाएं। पौधों की मिट्टी की जांच करें और जरूरत के अनुसार खाद तथा पानी दें। घर में पर्याप्त रोशनी और हवा आने की व्यवस्था रखें।
कुल मिलाकर, दिवाली से पहले घर को सुंदर और स्वच्छ बनाने के साथ पौधों की देखभाल करना भी जरूरी है। वास्तु शास्त्र में बताए गए पौधों से संबंधित नियम धार्मिक और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं। किसी पौधे को केवल अंधविश्वास के कारण हटाने की जरूरत नहीं है। पौधे की सेहत, घर की जगह और पर्यावरण के अनुसार फैसला लेना बेहतर है। आखिरकार हरे-भरे पौधे घर की सुंदरता बढ़ाने के साथ वातावरण को भी बेहतर बनाने में मदद करते हैं।
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