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वराड़ा चतुर्थी चांद देख लिया? डरें नहीं, करें ये 2 सरल उपाय

nidhi
20 May 2026 2:21 PM IST
वराड़ा चतुर्थी चांद देख लिया? डरें नहीं, करें ये 2 सरल उपाय
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वराड़ा चतुर्थी 2026: गलती से चांद देख लिया? मिटाएँ झूठा कलंक
वरदा चतुर्थी 2026 चंद्र दर्शन उपाय: आज यूनेस्को में वरदा चतुर्थी का व्रत है। ​यह ज्येष्ठ अधिकमास के शुक्ल पक्ष का चतुर्थी व्रत है। पंचांग के अनुसार, चतुर्थी तिथि 19 मई को दोपहर 2:18 बजे से लेकर 20 मई को 11:06 बजे तक है। इस व्रत में विघ्नहर्ता श्री गणेश जी की पूजा की जाती है, उनकी कृपा से कामनाएं पूरी होती हैं। लेकिन इस विनायक चतुर्थी व्रत में चंद्रमा की पूजा नहीं की जाती है। इसके अलावा इस दिन चंद्रमा से भी चंद्रमा का दर्शन कर लेते हैं, तो ओले कलंक का डर रहता है। अब सवाल यह है कि अगर आज कोई चतुर्थी पर्सनेल से मून देखता है तो उसे मैसाचुसेट्स स्कैल से बचने के लिए क्या करना चाहिए?
चतुर्थी पर चंद्रोदय और चंद्रास्त का समय
आज चतुर्थी पर चांद के समुद्र तट का समय सुबह 08:43 बजे है, वहीं चांद के डूबने का समय रात 11:08 बजे है। आज सुबह से लेकर रात तक कभी भी चंद्रमा के दर्शन नहीं करने चाहिए। आज चन्द्र दर्शन है।
विनायक चतुर्थी पर क्यों नहीं देखते चंद्रमा?
एक बार चंद्र देव ने गणेश जी का अपमान कर दिया था, तब उन्होंने चंद्रमा को श्राप दे दिया. तब चंद्र देव ने गणेश जी से क्षमा मांगी, तो उन्होंने कहा कि महीने के 15 दिन तुम्हारा प्रभाव कम होगा और 15 दिन बढ़ेगा. वहीं दूसरी कथा यह है कि भगवान श्रीकृष्ण ने चौथ का चांद देख लिया था तो उन पर स्यामंतक मणि चोरी करने का झूठा कलंक लगा था.
जो लोग विनायक चतुर्थी पर चंद्रमा को देखते हैं, उनके मान और सम्मान में कमी आती है. उन पर उस गलत कार्य के लिए आरोप लगते हैं, जिसे उन्होंने किया ही नहीं.
चांद देखने से लगे दोष की मुक्ति के उपाय
यदि आप गलती से विनायक चतुर्थी यानि शुक्ल पक्ष की चतुर्थी पर चंद्रमा को देख लेते हैं, तो उससे लगने वाले दोष से परेशान न हों. सबसे पहले स्नान आदि से निवृत हो जाएं. फिर विघ्नहर्ता श्री गणेश जी की पूजा विधि विधान से करें. फिर पूजा में आपने जो फल और ​मिठाई गणेश जी को अर्पित की है, उसे चंद्रमा को दिखाएं और किसी गरीब या जरूरतमंद को दान कर दें.
फिर झूठे कलंक या दोष से मुक्ति के लिए सिंह: प्रसेन मण्वधीत्सिंहो जाम्बवता हत: सुकुमार मा रोदीस्तव ह्येष: स्यमन्तक: मंत्र का जाप करें. इससे आपको लाभ होगा.
झूठे कलंक से मुक्ति के लिए दूसरा उपाय यह है कि आप चतुर्थी के दिन सिद्धिविनायक व्रत करें. उसके बाद हर माह की द्वितीया को चंद्रमा का दर्शन करें. इससे भी आपको लाभ होगा.
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