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धर्म-अध्यात्म
Dev Uthani Ekadashi 2025: इस दिन से फिर शुरू होंगे शादी-ब्याह और नए काम
Tara Tandi
27 Oct 2025 3:51 PM IST

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Dev Uthani Ekadashi ज्योतिष न्यूज़: इस वर्ष देवउठनी एकादशी 1 नवंबर 2025 को मनाई जाएगी। देवउठनी एकादशी से शुभ कार्य शुरू हो जाते हैं और अगले दिन तुलसी विवाह किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि देवउठनी एकादशी पर भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागते हैं, जिससे शुभ कार्यों की शुरुआत होती है। पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर, जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि वैदिक पंचांग के अनुसार, कार्तिक शुक्ल एकादशी 1 नवंबर 2025 को सुबह 9:11 बजे शुरू होगी और 2 नवंबर को सुबह 7:31 बजे तक रहेगी। इसके आधार पर, देवउठनी एकादशी 1 नवंबर को मनाई जाएगी। इस दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागते हैं, जिससे शुभ कार्यों के द्वार खुल जाते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन व्रत और पूजा करने से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है। देवउठनी एकादशी 1 नवंबर को मनाई जाएगी इसके साथ ही शुभ विवाह मुहूर्तों का सिलसिला शुरू हो जाएगा।
1 नवंबर से गूंजेगी शहनाई
ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि करीब पांच महीने से रुकी शहनाई की गूंज अब गूंजने को तैयार है। 11 जून को बृहस्पति के अस्त होने और 6 जुलाई को चातुर्मास शुरू होने से रुके शुभ कार्य अब...
नवंबर में देवउठनी एकादशी के साथ फिर से शुरू होंगे। 142 दिनों के बाद सावन का पावन समय लौटेगा। इसके लिए शहर में अभी से ही बगीचे, विवाह मंडप, डीजे बैंड और कैटरर्स बुक हो गए हैं। शादी-ब्याह वाले परिवारों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। श्राद्ध पक्ष समाप्त होते ही हर घर में पूजा-पाठ और खरीदारी का दौर शुरू हो गया है।
ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि 1 नवंबर को देवउठनी एकादशी के साथ ही देव जागेंगे और शुभ विवाह समारोह शुरू होंगे। इस साल सावन नवंबर में 15 दिनों तक चलेगा। इसके बाद, मलमास 16 दिसंबर से शुरू होगा और 14 जनवरी 2026 तक रहेगा। इसके अलावा, शुक्र 12 दिसंबर को अस्त होगा और 1 फरवरी 2026 को उदय होगा। इस दौरान विवाह और अन्य शुभ कार्य 51 दिनों के लिए स्थगित रहेंगे। 23 जनवरी 2026 को बसंत पंचमी का शुभ मुहूर्त रहेगा। इस दिन पंचांग देखे बिना भी विवाह और अन्य शुभ कार्य करना अशुभ माना जाता है।
देवउठनी एकादशी तिथि
ज्योतिषी एवं कुण्डली विश्ल़ेषक डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि वैदिक पंचांग के अनुसार, कार्तिक शुक्ल एकादशी तिथि 1 नवंबर 2025 को प्रातः 9:11 बजे से प्रारम्भ होकर 2 नवंबर को प्रातः 7:31 बजे तक रहेगी। इसके आधार पर, देवउठनी एकादशी 1 नवंबर को मनाई जाएगी। इस दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागते हैं और शुभ कार्यों के द्वार खोलते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन व्रत और पूजा करने से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है।
तुलसी विवाह
ज्योतिषी एवं कुण्डली विश्ल़ेषक डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि तुलसी विवाह देवउठनी एकादशी के अगले दिन द्वादशी तिथि को मनाया जाता है। वर्ष 2025 में यह 2 नवंबर को होगा। पंचांग के अनुसार, द्वादशी तिथि 2 नवंबर को सुबह 7:31 बजे शुरू होकर 3 नवंबर को सुबह 5:07 बजे समाप्त होगी। इस दिन भगवान शालिग्राम और तुलसी जी का विवाह होता है। मान्यता है कि तुलसी विवाह करने से वैवाहिक जीवन में सुख आता है और सौभाग्य में वृद्धि होती है।
नवंबर-दिसंबर विवाह की शुभ तिथियाँ
नवंबर: 2, 3, 5, 8, 12, 13, 16, 17, 18, 21, 22, 23, 25 और 30
दिसंबर: 4, 5 और 6 (कुछ पंचांगों में भिन्नता के कारण तिथियाँ भिन्न हो सकती हैं।)
खरमास के दौरान शुभ कार्यों पर रोक
ज्योतिषी एवं कुण्डली विश्ल़ेषक डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि खरमास 16 दिसंबर, 2025 से शुरू होकर 14 जनवरी, 2026 तक रहेगा। इस दौरान विवाह जैसे शुभ कार्य वर्जित रहेंगे। इसके बाद, फरवरी और मार्च में शादियों का मौसम फिर से शुरू होगा।
फरवरी और मार्च 2026 में शुभ तिथियाँ
ज्योतिषी एवं कुण्डली विश्ल़ेषक डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि खरमास समाप्त होने के बाद, फरवरी में 16 दिन विवाह के लिए उपयुक्त रहेंगे। विवाह के लिए शुभ तिथियाँ 4, 5, 6, 7, 8, 10, 11, 12, 13, 14, 19, 20, 21, 24, 25 और 26 फरवरी हैं। मार्च में 11 शुभ तिथियाँ होंगी। शुभ तिथियों में 2, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12, 13 और 14 मार्च शामिल हैं। 14 मार्च के बाद शुभ आयोजनों पर फिर रोक लग जाएगी।
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