धर्म-अध्यात्म

कब मनाई जाएगी परिवर्तिनी एकादशी, जानिए तिथि, समय और महत्व

Bhumika Sahu
1 Sept 2022 7:36 PM IST
कब मनाई जाएगी परिवर्तिनी एकादशी, जानिए तिथि, समय और महत्व
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परिवर्तिनी एकादशी
ज्योतिष: हिंदू धर्म में एकादशी तिथि को बेहद ही खास माना जाता है यह भगवान श्री हरि विष्णु की प्रिय तिथियों में से एक है वही पंचांग के अनुसार इस साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 6 सितंबर 2022 को पड़ रही है इसे परिवर्तिनी एकादशी, जलझूलनी एकादशी, पदम एकादशी के नाम से जाना जाता है धार्मिक तौर पर एकादशी का व्रत श्री हरि विष्णु को समर्पित होता है इस दिन भगवान की विधिवत पूजा आराधना की जाती है और उपवास भी रखा जाता है
मान्यता है कि परिवर्तिनी एकादशी का व्रत करने से वाजपेय यज्ञ जितना फल व्रतधारियों को प्राप्त होता है माना जाता है कि परिवर्तिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु करवट बदलते हैं इसलिए इसका नाम परिवर्तिनी एकादशी है जो भक्त इस दिन पूरी निष्ठा और विश्वास के साथ व्रत रखकर भगवान श्री विष्णु की पूजा करता है उसके सभी दुखों का नाश हो जाता है और जीवन में सुख समृद्धि और शांति का आगमन होता है वही इस साल एकादशी के दिन बेहद ही शुभ संयोग का निर्माण हो रहा है तो आज हम आपको परिवर्तिनी एकादशी पूजा का शुभ मुहूर्त योग और महत्व के बारे में बता रहे हैं तो आइए जानते हैं।
जानिए एकादशी पूजा मुहूर्त-
पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का आरंभ 6 सितंबर 2022 दिन मंगलवार को सुबह 5 बजकर 54 मिनट पर हो रहा है वही इसका समापन अगले दिन 7 सितंबर दिन बुधवार को सुबह 3 बजकर 4 मिनट पर हो जाएगा ऐसे में शुभ मुहूर्त में भगवान की पूजा अर्चना करने से भक्तों को विशेष फल की प्राप्ति होती है।
जानिए व्रत पारण का समय- आपको बता दें कि एकादशी व्रत पारण आप 7 सितंबर को सुबह 8 बजकर 19 मिनट से 8 बजकर 33 मिनट पर इस शुभ मुहूर्त में कर सकते हैं मान्यता है कि व्रत पारण अगर विधिवत और शुभ मुहूर्त में किया जाता है तो व्रत पूजन का पूर्ण फल भक्तों को मिलता है।
परिवर्तिनी एकादशी व्रत का महत्व-
धार्मिक तौर पर परिवर्तिनी एकादशी का व्रत बेहद ही शुभ और खास होता है इस व्रत को करने से जातक को मोक्ष फल की प्राप्ति होती है भगवान श्री विष्णु की कृपा पाने के लिए व्रत एकादशी का व्रत कर सकते हैं ये बेहद ही लाभकारी माना जाता है आपको बता दें कि इस दिन भगवान श्री विष्णु के पांचवें अवतार भगवान वामन की पूजा करना मनचाहे फल को दिला सकते हैं इस व्रत के प्रभाव से जातक के सभी पापों का नाश होता है और जीवन में आने वाले संकट भी टल जाते हैं।
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