धर्म-अध्यात्म

सावन में प्रतिदिन करें शिव के इन मंत्रों का जाप, सभी कष्टों से मिलेगी मुक्ति

Tara Tandi
6 July 2023 11:00 AM GMT
सावन में प्रतिदिन करें शिव के इन मंत्रों का जाप, सभी कष्टों से मिलेगी मुक्ति
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हिंदू धर्म में वैसे तो हर महीने को महत्वपूर्ण बताया गया हैं लेकिन सावन का महीना बेहद ही खास माना जाता हैं जो कि भोलेबाबा की पूजा अर्चना को समर्पित होता हैं। इस दौरान भक्त भगवान शिव शंकर की विधिवत पूजा करते हैं और व्रत आदि भी रखते हैं माना जाता हैं कि इस पावन महीने में शिव प्रसन्न मुद्रा में धरती लोक पर निवास करते हैं।
ऐसे में जो कोई उनकी भक्ति सच्चे मन से करता है उन पर भगवान कृपा करते हैं इस बार सावन का आरंभ 4 जुलाई दिन मंगलवार से हो चुका हैं ऐसे में अगर आप भी भोलेनाथ का आशीर्वाद पाना चाहते हैं तो इस पूरे महीने में रोजाना शिव के शक्तिशाली मंत्रों का जाप जरूर करें कहा गया हैं कि शिव के इन चमत्कारी मंत्रों का जाप करने से साधक के जीवन के सभी कष्टों का अंत हो जाता हैं और सुख में वृद्धि होती हैं तो आज हम आपके लिए लेकर आए हैं भगवान शिव के चमत्कारी मंत्र।
भोलेनाथ के चमत्कारी मंत्र—
ॐ नमः शिवाय॥
रूद्र मंत्र
ॐ नमो भगवते रूद्राय ।
रूद्र गायत्री मंत्र
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय
धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
महामृत्युंजय मंत्र
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
शिव प्रार्थना मंत्र
करचरणकृतं वाक् कायजं कर्मजं श्रावण वाणंजं वा मानसंवापराधं ।
विहितं विहितं वा सर्व मेतत् क्षमस्व जय जय करुणाब्धे श्री महादेव शम्भो ॥
शिव नमस्कार मंत्र
शम्भवाय च मयोभवाय च नमः शंकराय च मयस्कराय च नमः शिवाय च शिवतराय च।।
ईशानः सर्वविध्यानामीश्वरः सर्वभूतानां ब्रम्हाधिपतिमहिर्बम्हणोधपतिर्बम्हा शिवो मे अस्तु सदाशिवोम।।
श‍िव नामावली मंत्र
श्री शिवाय नम:
श्री शंकराय नम:
श्री महेश्वराय नम:
श्री सांबसदाशिवाय नम:
श्री रुद्राय नम:
ॐ पार्वतीपतये नम:
ॐ नमो नीलकण्ठाय नम:
शिव आवाहन मंत्र
ॐ मृत्युंजय परेशान जगदाभयनाशन ।
तव ध्यानेन देवेश मृत्युप्राप्नोति जीवती ।।
वन्दे ईशान देवाय नमस्तस्मै पिनाकिने ।
नमस्तस्मै भगवते कैलासाचल वासिने ।
आदिमध्यांत रूपाय मृत्युनाशं करोतु मे ।।
त्र्यंबकाय नमस्तुभ्यं पंचस्याय नमोनमः ।
नमोब्रह्मेन्द्र रूपाय मृत्युनाशं करोतु मे ।।
नमो दोर्दण्डचापाय मम मृत्युम् विनाशय ।।
देवं मृत्युविनाशनं भयहरं साम्राज्य मुक्ति प्रदम् ।
नमोर्धेन्दु स्वरूपाय नमो दिग्वसनाय च ।
नमो भक्तार्ति हन्त्रे च मम मृत्युं विनाशय ।।
अज्ञानान्धकनाशनं शुभकरं विध्यासु सौख्य प्रदम् ।
नाना भूतगणान्वितं दिवि पदैः देवैः सदा सेवितम् ।।
सर्व सर्वपति महेश्वर हरं मृत्युंजय भावये ।।
शिव स्तुति मंत्र
ॐ नमो हिरण्यबाहवे हिरण्यवर्णाय हिरण्यरूपाय हिरण्यपतए
अंबिका पतए उमा पतए पशूपतए नमो नमः
ईशान सर्वविद्यानाम् ईश्वर सर्व भूतानाम्
ब्रह्मादीपते ब्रह्मनोदिपते ब्रह्मा शिवो अस्तु सदा शिवोहम
तत्पुरुषाय विद्महे वागविशुद्धाय धिमहे तन्नो शिव प्रचोदयात्
महादेवाय विद्महे रुद्रमूर्तये धिमहे तन्नों शिव प्रचोदयात्
नमस्ते अस्तु भगवान विश्वेश्वराय महादेवाय त्र्यंबकाय त्रिपुरान्तकाय त्रिकाग्नी कालाय कालाग्नी
रुद्राय नीलकंठाय मृत्युंजयाय सर्वेश्वराय सदशिवाय श्रीमान महादेवाय नमः
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