धर्म-अध्यात्म

वास्तु के इन नियमों के पालन से बच्चों का पढ़ाई में जरूर लगेगा मन

Subhi
10 Aug 2022 10:46 AM IST
वास्तु के इन नियमों के पालन से बच्चों का पढ़ाई में जरूर लगेगा मन
x
सनातन समेत सभी धर्मों में वास्तु नियमों का पालन किया जाता है। इससे घर में सुख और समृद्धि का आगमन होता है। वहीं, लापरवाही बरतने से मानसिक तनाव और धन हानि का खतरा रहता है।

सनातन समेत सभी धर्मों में वास्तु नियमों का पालन किया जाता है। इससे घर में सुख और समृद्धि का आगमन होता है। वहीं, लापरवाही बरतने से मानसिक तनाव और धन हानि का खतरा रहता है। इसके लिए ज्योतिष हमेशा घर और घर के सभी कमरों में वास्तु नियमों का पालन करने की सलाह देते हैं। लोग घर बनाते समय वास्तु नियमों का पालन जरूर करते हैं, लेकिन घर के कमरों में वास्तु के नियमों का पूरी तरह से फॉलो नहीं करते हैं। खासकर, स्टडी रूम में वास्तु के नियमों का पालन न करने से बच्चे का मन पढ़ाई में नहीं लगता है। इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। वहीं, कई परेंट्स बच्चों पर दोष मढ़ने लगते हैं। अगर आपके बच्चे का भी मन पढ़ाई में नहीं लगता है, तो वास्तु के इन नियमों का पालन जरूर करें। आइए जानते हैं-

वास्तु के अनुसार, स्टडी रूम उत्तर पूर्व दिशा में रहना चाहिए। दक्षिण या पश्चिम दिशा में स्टडी रूम होने से बच्चे का मन पढ़ाई में नहीं लगता है।

स्टडी रूम में बच्चे का मुख दक्षिण दिशा में न रहें। आसान शब्दों में कहें तो दक्षिण दिशा की ओर मुख कर न बैंठे। इस दिशा में अग्नि की प्रधानता होती है। इसके चलते बच्चे का मन पढ़ाई में नहीं लगता है। साथ ही बच्चा चिड़चिड़ा हो जाता है।

स्टडी रूम में टेबल पर एजुकेशन टावर, ग्लोब या पिरामिड अवश्य रखें। वहीं, स्फटिक गोले उत्तर दिशा में दिवार पर लगाएं।

स्टडी रूम में मां शारदे, हनुमानजी और गणेश जी की चित्र जरूर लगाएं।

बच्चे को रोजाना स्टडी रूम में स्नान करने के बाद हनुमान और सरस्वती चालीसा का पाठ करने के लिए प्रेरित करें।

स्टडी रूम में अलमारी हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा में रखें। वहीं, पढ़ाई के समय बच्चे पूरब दिशा की ओर मुख करके बैंठे।

ज्‍योत‍िष की मानें तो बच्चे के कंधे पर रोशनी और हवा के आने मन विचलित होता है। इसके लिए लाइट्स की व्यवस्था का भी ध्यान रखें।

बच्चे को गली या उसकी सीध में बैठकर पढ़ने की सलाह न दें। इससे बच्चे का ध्यान भटकता है।

दीवार और पर्दे का रंग लाइट पीला, हरा या आसमानी रखें। ये सभी शुभ माने जाते हैं। आप जातक की कुंडली दिखाकर शुभ रंग ज्ञातकर भी दीवार की रंग करवा सकते हैं।

बच्चे अगर कंप्‍यूटर का इस्तेमाल करते हैं, तो ईशान कोण में कंप्‍यूटर भूलकर भी न रखें।


Next Story