- Home
- /
- अन्य खबरें
- /
- धर्म-अध्यात्म
- /
- धनतेरस पर इन चीजों की...
धर्म-अध्यात्म
धनतेरस पर इन चीजों की खरीदारी मानी जाती है अशुभ, जानें वजह
Rajeshwari Nishad
5 Nov 2026 5:51 PM IST

x
Dhanteras 2026: दीपावली का त्योहार आने वाला है और इसकी शुरुआत धनतेरस से होती है। हिंदू धर्म में धनतेरस का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस के अवसर पर नई वस्तुओं की खरीदारी करना शुभ माना जाता है। खासकर सोना, चांदी, पीतल के बर्तन और घर की जरूरत का सामान खरीदने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। हालांकि, धनतेरस पर कुछ वस्तुओं को खरीदने से बचने की सलाह भी दी जाती है। मान्यता है कि इन चीजों की खरीदारी शुभ नहीं मानी जाती। आइए जानते हैं कि धनतेरस पर किन वस्तुओं को खरीदने से परहेज करने की परंपरा है और इसके पीछे क्या धार्मिक मान्यताएं हैं।
धनतेरस को धनत्रयोदशी भी कहा जाता है। यह पर्व कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। धार्मिक कथाओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसी कारण इस दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है। इसके अलावा धन और समृद्धि की कामना से माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की आराधना करने की भी परंपरा है।धनतेरस पर खरीदारी को शुभता और नई शुरुआत से जोड़कर देखा जाता है। लेकिन लोक मान्यताओं में कुछ ऐसी चीजों का भी उल्लेख मिलता है, जिन्हें इस दिन खरीदना उचित नहीं माना जाता। हालांकि, इन मान्यताओं का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है और अलग-अलग क्षेत्रों में परंपराएं भी अलग हो सकती हैं।
1. धनतेरस पर लोहे का सामान खरीदने से बचें
कुछ धार्मिक और लोक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस के दिन लोहे से बनी वस्तुओं की खरीदारी करने से बचना चाहिए। ज्योतिषीय मान्यताओं में लोहे को शनि ग्रह से जोड़कर देखा जाता है। इसी कारण कुछ लोग इस दिन लोहे के बर्तन, औजार या अन्य सामान खरीदना शुभ नहीं मानते।हालांकि, यदि घर में किसी जरूरी काम के लिए लोहे के सामान की आवश्यकता है, तो उसे खरीदने में कोई व्यावहारिक बाधा नहीं है। यह पूरी तरह आस्था और व्यक्तिगत विश्वास का विषय है।
2. चाकू और कैंची जैसी धारदार चीजें
धनतेरस के अवसर पर चाकू, कैंची, ब्लेड और अन्य धारदार वस्तुओं की खरीदारी करने से बचने की भी परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं में इन वस्तुओं को काटने या अलगाव के प्रतीक के रूप में देखा जाता है।ऐसी मान्यता है कि त्योहार के दौरान घर में ऐसी चीजें लाने से परहेज करना चाहिए। हालांकि, इस बात का कोई प्रमाण नहीं है कि धारदार वस्तुओं की खरीदारी से परिवार में कलह या आर्थिक परेशानी आती है।अगर किसी काम के लिए इन वस्तुओं की जरूरत हो, तो सुरक्षा और उपयोगिता को ध्यान में रखकर खरीदारी की जा सकती है।
3. खाली बर्तन खरीदना भी माना जाता है अशुभ
धनतेरस पर नए बर्तन खरीदने का विशेष महत्व है। लोग इस दिन स्टील, पीतल, तांबे और चांदी के बर्तन खरीदते हैं। लेकिन कुछ लोक परंपराओं में खाली बर्तन घर लाना शुभ नहीं माना जाता।मान्यता है कि नए बर्तन में चावल, गेहूं, पानी या अन्य सामग्री रखकर घर लाने से समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इसी वजह से कुछ परिवार धनतेरस पर खरीदे गए बर्तन को खाली नहीं रखते।हालांकि, यह एक सांस्कृतिक परंपरा है। बर्तन खाली लाने से किसी तरह के नुकसान होने का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है।
4. काले रंग की वस्तुएं खरीदने से परहेज
कई परिवारों में धनतेरस और दीपावली के अवसर पर काले रंग की वस्तुओं की खरीदारी करने से बचने की परंपरा है। कुछ धार्मिक मान्यताओं में त्योहार के दौरान पीले, लाल, सुनहरे और अन्य चमकीले रंगों को शुभता से जोड़ा जाता है।इसी कारण लोग नए कपड़े, सजावटी सामान और पूजा से जुड़ी वस्तुएं खरीदते समय इन रंगों को प्राथमिकता देते हैं।हालांकि, काला रंग अशुभ होने का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। रंगों का चुनाव व्यक्तिगत पसंद और जरूरत के अनुसार किया जा सकता है।
5. टूटे-फूटे या खराब सामान की खरीदारी
धनतेरस पर नई और उपयोगी वस्तुएं खरीदने की परंपरा है। ऐसे में टूटे हुए बर्तन, खराब उपकरण या क्षतिग्रस्त सजावटी वस्तुओं को खरीदने से बचने की सलाह दी जाती है।इसके पीछे धार्मिक मान्यता के साथ व्यावहारिक कारण भी है। खराब या टूटे हुए सामान पर पैसा खर्च करना नुकसानदायक हो सकता है।त्योहारों के दौरान बाजार में छूट और विशेष ऑफर मिलते हैं। इसलिए कोई भी सामान खरीदते समय उसकी गुणवत्ता, वारंटी और उपयोगिता की जांच जरूर करनी चाहिए।
6. प्लास्टिक की वस्तुओं को लेकर भी है मान्यता
कुछ लोक मान्यताओं में धनतेरस पर प्लास्टिक के सामान को प्राथमिकता नहीं दी जाती। पारंपरिक रूप से इस दिन धातु के बर्तन और टिकाऊ वस्तुएं खरीदना अधिक शुभ माना जाता है।हालांकि, प्लास्टिक की वस्तुएं खरीदने से धनहानि होने जैसी बातों का कोई प्रमाण नहीं है। खरीदारी के समय सामान की मजबूती, जरूरत और पर्यावरण पर उसके प्रभाव को ध्यान में रखना अधिक उपयोगी है।
7. अनावश्यक सामान खरीदने से बचें
धनतेरस पर खरीदारी करना शुभ माना जाता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि जरूरत न होने पर भी महंगी वस्तुएं खरीदी जाएं। कई बार लोग परंपरा निभाने के लिए अपनी आर्थिक क्षमता से अधिक खर्च कर देते हैं।त्योहार के अवसर पर सोना-चांदी खरीदना हर परिवार के लिए संभव नहीं होता। ऐसे में छोटे बर्तन, पूजा की सामग्री या घर की जरूरत की कोई उपयोगी वस्तु खरीदकर भी परंपरा निभाई जा सकती है।धनतेरस का उद्देश्य केवल महंगी खरीदारी करना नहीं, बल्कि परिवार में खुशियां और सकारात्मक वातावरण बनाए रखना भी है।
धनतेरस पर क्या खरीदना शुभ माना जाता है?
धार्मिक परंपराओं के अनुसार, धनतेरस पर सोना, चांदी, पीतल और तांबे के बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है। कई लोग इस दिन झाड़ू भी खरीदते हैं, जिसे स्वच्छता और माता लक्ष्मी से जुड़ी मान्यताओं का प्रतीक माना जाता है।इसके अलावा दीपक, पूजा सामग्री और घर की जरूरत के अन्य सामान भी खरीदे जाते हैं। कुछ परिवार इस अवसर पर नया वाहन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या घरेलू सामान खरीदना पसंद करते हैं।धनतेरस पर खरीदारी करते समय वस्तुओं की गुणवत्ता और अपने बजट का ध्यान रखना जरूरी है। सोना-चांदी जैसी महंगी वस्तुओं के मामले में बिल और प्रमाणिकता की जांच करना भी समझदारी है।
आस्था के साथ समझदारी भी जरूरी
धनतेरस का त्योहार भारतीय संस्कृति में सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और मंगलकामनाओं का प्रतीक है। इस अवसर पर अलग-अलग परिवार अपनी परंपराओं के अनुसार पूजा और खरीदारी करते हैं।लोहे के सामान, धारदार वस्तुओं, खाली बर्तनों और काले रंग की चीजों को लेकर प्रचलित बातें धार्मिक एवं लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें किसी अनिवार्य नियम या निश्चित परिणाम के रूप में नहीं देखना चाहिए।त्योहार की असली खुशी परिवार के साथ समय बिताने, जरूरतमंदों की सहायता करने और अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार उत्सव मनाने में है। इसलिए इस धनतेरस पर आस्था का सम्मान करते हुए जरूरत और बजट के अनुसार ही खरीदारी करें।
Next Story





