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धर्म-अध्यात्म
महाभारत से जुड़ा Bheemeshwara Temple, जहां मिलती है आस्था और प्रकृति की कहानी
nidhi
26 April 2026 12:40 PM IST

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महाभारत से जुड़े भीमेश्वर मंदिर
Bheemeshwara Temple: दक्षिण भारत में कई ऐसे मंदिर हैं, जिस पर श्रद्धालुओं की बेहद आस्था होती है. हरे-भरे पश्चिमी घाटों में स्थित मंदिर भक्तों के साथ-साथ पर्यटन के आकर्षण का भी बड़ा केंद्र हैं. आज हम ऐसे मंदिर की जानकारी लेकर आए हैं, जिसका इतिहास महाभारत के पांडवों से जुड़ा है. कर्नाटक राज्य के शिमोगा जिले के सागर में स्थित भीमेश्वर मंदिर प्रकृति और आस्था का अनूठा संगम है. प्रकृति की गोद में विराजमान भगवान शिव यहां आए हर भक्त की मनोकामना पूरी करते हैं और जिंदगी में आई हर परेशानी से मुक्ति भी दिलाते हैं. आइए जानते हैं भीमेश्वर मंदिर के बारे में खास बातें…
शांत वातावरण के लिए विश्व में प्रसिद्ध
भीमेश्वर मंदिर कर्नाटक के सबसे पुराने मंदिरों में शामिल है, लेकिन जंगलों में होने की वजह से मंदिर का रखरखाव ठीक से नहीं हो पाता है. पौराणिक कथा की मानें तो मंदिर का इतिहास महाभारत काल से जुड़ा है. जब पांडवों को अज्ञातवास मिला तो उन्होंने इस स्थान पर भी शरण ली थी. यह मंदिर अपनी शानदार वास्तुकला और शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध है.
पांडवों ने किया था समय व्यतीत
मान्यता है कि महाभारत काल में पांडवों ने वनवास के दौरान कुछ समय यहां व्यतीत किया था. मंदिर की स्थापना महाबली भीम ने की थी और शिवलिंग भी वही लेकर आए थे. भगवान शिव को ठंडी जलधारा अर्पित करने के लिए अर्जुन ने बाण चलाकर भीमेश्वर झरने का निर्माण किया था. मंदिर के निकट भीमेश्वर झरना भगवान शिव को आज तक ठंडी जलधारा अर्पित कर रहा है. यही कारण है कि मंदिर का नाम भीम पर रखा गया है.
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