धर्म-अध्यात्म

ज्योतिष शास्त्र का दावा इन राशियों के लिए वरदान तो इन लोगों के लिए अभिशाप है सोना

Ratna Netam
6 Aug 2026 3:30 PM IST
ज्योतिष शास्त्र का दावा इन राशियों के लिए वरदान तो इन लोगों के लिए अभिशाप है सोना
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धर्म : सोना केवल आभूषण नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और ज्योतिष में विशेष महत्व रखने वाली धातु माना जाता है। इसे सुख, समृद्धि और वैभव का प्रतीक माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र में सोने का संबंध सूर्य और विशेष रूप से देवगुरु बृहस्पति (गुरु ग्रह) से जोड़ा जाता है। मान्यता है कि सोना सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है और शुभ प्रभाव बढ़ाने में सहायक होता है। हालांकि, ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि हर व्यक्ति के लिए सोना लाभकारी नहीं होता। यदि बिना कुंडली और ग्रहों की स्थिति को समझे सोना धारण किया जाए, तो इसके नकारात्मक परिणाम भी सामने आ सकते हैं।
ज्योतिष के अनुसार सोना केवल फैशन या शौक के लिए पहनना उचित नहीं माना गया है। इसे तभी धारण करना चाहिए जब यह व्यक्ति की कुंडली और ग्रहों के अनुरूप हो। माना जाता है कि सोना शरीर, मानसिक स्थिति और स्वास्थ्य पर भी प्रभाव डालता है। इसलिए इसे पहनने से पहले ज्योतिषीय सलाह लेना बेहतर माना जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार जिन लोगों को पेट संबंधी समस्याएं रहती हैं या जिनका वजन तेजी से बढ़ता है, उन्हें सोना पहनने से बचना चाहिए। इसी तरह जिन लोगों को अत्यधिक क्रोध आता है या जो अपनी वाणी पर नियंत्रण नहीं रख पाते, उनके लिए भी सोना अनुकूल नहीं माना गया है। ऐसे लोगों पर सोने का प्रभाव प्रतिकूल हो सकता है।
ज्योतिष शास्त्र में यह भी कहा गया है कि जिनकी जन्म कुंडली में गुरु ग्रह कमजोर या अशुभ स्थिति में हो, उन्हें सोना धारण करने से सख्त परहेज करना चाहिए। यदि ऐसे लोग सोना पहनते हैं तो उन्हें आर्थिक, मानसिक और पारिवारिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए कुंडली में गुरु की स्थिति का आकलन महत्वपूर्ण माना जाता है।
कुछ व्यवसायों से जुड़े लोगों के लिए भी सोना पहनना उचित नहीं बताया गया है। विशेष रूप से जो लोग लोहा, कोयला या शनि से संबंधित वस्तुओं के व्यापार से जुड़े हैं, उनके लिए सोना सामान्यतः अनुकूल नहीं माना जाता। ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि ऐसे मामलों में सोना अपेक्षित लाभ देने के बजाय बाधाएं उत्पन्न कर सकता है।
सोना धारण करने से जुड़ी कुछ सावधानियां भी बताई गई हैं। महिलाओं को सोने की पायल या बिछिया पहनने से बचने की सलाह दी जाती है, क्योंकि बृहस्पति से जुड़ी धातु को पैरों में धारण करना शुभ नहीं माना जाता। इसी प्रकार कमर में भी सोना पहनना उचित नहीं बताया गया है। हालांकि छोटे बच्चों को लाल धागे में सोने का छोटा आभूषण पहनाने की परंपरा अलग मानी जाती है।
सोना पहनने वालों को स्वच्छता और सात्विक जीवनशैली अपनाने की भी सलाह दी जाती है। मान्यता है कि सोना धारण करके मांसाहार या मदिरा का सेवन करने से बृहस्पति के शुभ प्रभाव कमजोर पड़ सकते हैं। इसलिए इसे धारण करने वालों को संयमित और शुद्ध आचरण रखने की सलाह दी जाती है।
राशियों की बात करें तो ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मेष, कर्क, सिंह और धनु राशि के जातकों के लिए सोना धारण करना शुभ माना गया है। वृश्चिक और मीन राशि वालों के लिए इसका प्रभाव सामान्य या मध्यम बताया गया है। वहीं वृषभ, मिथुन, कन्या और कुंभ राशि के लोगों के लिए सोना अधिक लाभकारी नहीं माना जाता। तुला और मकर राशि के जातकों को विशेष रूप से सोना पहनने से बचने की सलाह दी जाती है।
ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में बृहस्पति मजबूत और अनुकूल स्थिति में हो तो सोना पहनने से समृद्धि, सम्मान और वैवाहिक सुख में वृद्धि हो सकती है। वहीं प्रतिकूल ग्रह स्थिति में यही धातु स्वास्थ्य, आर्थिक स्थिति और वैवाहिक जीवन पर नकारात्मक प्रभाव भी डाल सकती है।
हालांकि यह सभी मान्यताएं ज्योतिष शास्त्र और पारंपरिक विश्वासों पर आधारित हैं। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने या सोना धारण करने से पहले योग्य ज्योतिषाचार्य या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित माना जाता है।
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