- Home
- /
- अन्य खबरें
- /
- धर्म-अध्यात्म
- /
- आषाढ़ माह 2026 आरंभ:...
धर्म-अध्यात्म
आषाढ़ माह 2026 आरंभ: जानें प्रमुख व्रत-पर्व, नियम और धार्मिक महत्व
nidhi
1 July 2026 10:30 AM IST

x
आषाढ़ माह 2026 की शुरुआत
Ashadh Month 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार 30 जून 2026 से आषाढ़ माह का शुभारंभ हो चुका है, जो 29 जुलाई 2026 तक रहेगा. धार्मिक दृष्टि से यह महीना अत्यंत पवित्र माना जाता है. मान्यता है कि इस अवधि में प्रकृति में नई ऊर्जा का संचार होता है और वर्षा ऋतु का आगमन जीवन में ताजगी लेकर आता है. आषाढ़ माह विशेष रूप से भगवान विष्णु और भगवान जगन्नाथ की आराधना के लिए समर्पित माना जाता है. शास्त्रों में वर्णित है कि इस महीने में श्रद्धा और नियमपूर्वक की गई पूजा, जप और उपासना से मनोकामनाओं की पूर्ति होती है. इसी कारण इसे कामना पूर्ति का महीना भी कहा जाता है.
आषाढ़ नाम पड़ने का कारण
आषाढ़ मास का नाम इसके खगोलीय महत्व से जुड़ा है. द्रिक पंचांग के अनुसार, इस महीने की पूर्णिमा पर पूर्वाषाढ़ा या उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का संयोग बनता है, जिसके कारण इसका नाम ‘आषाढ़’ पड़ा. भारतीय ज्योतिष और पंचांग में नक्षत्रों के आधार पर महीनों का निर्धारण किया जाता है. इसलिए यह महीना केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि खगोलीय दृष्टि से भी विशेष महत्व रखता है.
इस माह के प्रमुख व्रत और पर्व
आषाढ़ माह में कई महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व मनाए जाते हैं. शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि से भगवान जगन्नाथ की प्रसिद्ध रथ यात्रा शुरू होती है, जिसका देशभर में विशेष महत्व है. इसी माह में गुप्त नवरात्र भी आते हैं, जिन्हें देवी साधना और तंत्र साधना के लिए श्रेष्ठ समय माना जाता है. वहीं देवशयनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा में प्रवेश करते हैं और यहीं से चातुर्मास की शुरुआत होती है. यह चार माह का काल आध्यात्मिक साधना, संयम और आत्मचिंतन के लिए अत्यंत शुभ माना गया है.
आषाढ़ माह में किन नियमों का पालन करें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस पूरे महीने सात्विक जीवनशैली अपनाना शुभ माना जाता है. मांस, मदिरा, लहसुन, प्याज और अन्य तामसिक भोजन से दूरी रखनी चाहिए. साथ ही ब्रह्मचर्य का पालन और मन, वचन तथा कर्म की शुद्धता पर विशेष ध्यान देना चाहिए. प्रतिदिन प्रातः स्नान के बाद सूर्य देव को अर्घ्य देने से जीवन की बाधाएं दूर होने और रुके हुए कार्यों में सफलता मिलने की मान्यता है.
दान और भक्ति का विशेष महत्व
आषाढ़ माह में अन्न, वस्त्र, धन और जरूरतमंदों को आवश्यक वस्तुओं का दान करना अत्यंत पुण्यकारी माना गया है. इस दौरान भगवान विष्णु की नियमित पूजा, मंत्र जाप, सत्संग और धार्मिक कार्यों में सहभागिता से आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है. भक्ति, संयम, सेवा और दान का यह पावन महीना व्यक्ति को आत्मिक शांति के साथ सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है और धर्म-कर्म के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है.
TagsBeginning of the month of Ashadhamajor fasts and festivalsrules to be followedreligious significanceआषाढ़ माह आरंभप्रमुख व्रत-पर्वपालन योग्य नियमधार्मिक महत्वJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspape
Next Story





