धर्म-अध्यात्म

Ashadha Maas 2026: देवशयनी एकादशी, चातुर्मास और इस महीने के खास नियम

Tara Tandi
30 Jun 2026 1:51 PM IST
Ashadha Maas 2026: देवशयनी एकादशी, चातुर्मास और इस महीने के खास नियम
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ज्योतिष न्यूज़ : आषाढ़ का महीना हिंदी कैलेंडर के चौथा महीना होता है, जो 30 जून से शुरू हो चुका है। यह महीना 29 जुलाई तक गुरु पूर्णिमा तक चलेगा, फिर सावन का महीना शुरू हो जाएगा। आषाढ़ महीने में भगवान विष्णु की विशेष रूप से पूजा करने की मान्यता है क्योंकि इस महीने की देवशयनी एकादशी पर भगवान विष्णु चार माह की योग निद्रा में विश्राम करते हैं। भगवान विष्णु के चार महीने की योग निद्रा में जाने से चातुर्मास प्रारंभ हो जाता है, जिसमें सभी तरह के शुभ और मांगलिक कार्य करना वर्जित रहता है। यहां तक साधु-संन्यासी भी इन चार महीनों तक अपने आश्रम में रहते हैं और यात्रा करना वर्जित हो जाता है। इस आषाढ़ महीने में ही योगिनी एकादशी, आषाढ़ गुप्त नवरात्रि, गुरु पूर्णिमा और
चातुर्मास जैसे महत्वपूर्ण व्रत रखे जाते
हैं।
शास्त्रों के अनुसार आषाढ़ का महीना भक्ति, साधना, तप और ध्यान करने का महीना है। इसी महीने से वर्षा ऋतु भी शुरू हो जाती है जो प्रकृति में नवजीवन का संचार होता है। आषाढ़ महीने में देवशयनी एकादशी पर सृष्टि के पालनहार भगवान विष्णु योग निद्रा में चार माह के लिए क्षीर सागर में विश्राम करते हैं ऐसे में सभी तरह के शुभ और मांगलिक कार्य थम जाते हैं। इस दौरान साधु-संत भी एक स्थान पर रहकर चातुर्मास का पालन करते हैं। आषाढ़ महीने में देवशयनी एकादशी 25 जुलाई को और इसी के साथ चातुर्मास शुरू हो जाएगा, इन चार महीनों के दौरान विवाह, गृहप्रवेश, मुंडन और अन्य मांगलिक कार्यों के लिए मुहूर्त नहीं रहते हैं। चातुर्मास का यह समय व्रत, सत्संग, कथा और सेवा कार्यों करने के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।
देवशयनी एकादशी
आषाढ़ शुक्ल एकादशी को देवशयनी जिसे हरिशयनी भी कहते हैं वह 25 जुलाई को है। देवशयनी एकादशी पर भगवान विष्णु जैसे की इस एकादशी से नाम से स्प्ष्ट होता है देव शयन। इस तिथि से भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं और चार महीनों के बाद कार्तिक शुक्ल एकादशी यानी देवउठनी एकादशी पर जागते हैं, जो 21 नवंबर को है। इस देवशयनी एकादशी पर व्रत रखने, भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने का विशेष महत्व है।
गुरु पूर्णिमा
आषाढ़ महीने में ही गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है। जो इस वर्ष 29 जुलाई को है। इसे व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस तिथि पर महर्षि वेदव्यास की जन्म हुआ था। महर्षि वेदव्यास ने वेदों, महाभारत और श्रीमद् भागवद् पुराण जैसे ग्रंथ की रचना की। इस दिन गुरुओं की विशेष रूप से पूजा-अर्चना की जाती है।
आषाढ़ माह में क्या-क्या करना शुभ
- आषाढ़ माह में भगवान विष्णु, मां लक्ष्मी और भगवान शिव की विशेष पूजा करने का महत्व होता है।
- इस माह ऊं नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें।
- आषाढ़ माह में हर रोज सुबह और शाम को तुलसी की पूजा करें और दीपक जलाएं।
- इस माह श्रीमद् भगवद् गीता, विष्णुसहस्त्रनाम और रामचरितमानस का पाठ करें।
- आषाढ़ के महीने में दान करने का विशेष महत्व होता है।
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