धर्म-अध्यात्म

आषाढ़ मासिक शिवरात्रि 2026: 12 जुलाई को व्रत, बनेंगे दो शुभ योग, रात में रहेगी भद्रा

Kanchan Paikara
1 July 2026 2:52 PM IST
आषाढ़ मासिक शिवरात्रि 2026: 12 जुलाई को व्रत, बनेंगे दो शुभ योग, रात में रहेगी भद्रा
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Religion धर्म :जुलाई माह की मासिक शिवरात्रि इस बार आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर पड़ रही है, जिसे आषाढ़ शिवरात्रि के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना और व्रत का विधान होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत और विधि-विधान से पूजा करने पर भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है और जीवन के कष्टों से मुक्ति मिलती है। साथ ही भक्तों की मनोकामनाएं भी पूर्ण होती हैं।

वैदिक पंचांग के अनुसार, आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 12 जुलाई की रात 10 बजकर 29 मिनट से प्रारंभ हो रही है। यह तिथि 13 जुलाई की शाम 6 बजकर 49 मिनट तक प्रभावी रहेगी। पंचांग के आधार पर निशिता काल पूजा मुहूर्त को ध्यान में रखते हुए आषाढ़ मासिक शिवरात्रि 12 जुलाई 2026, रविवार को मनाई जाएगी।
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस बार आषाढ़ मासिक शिवरात्रि पर दो शुभ योगों का निर्माण हो रहा है, जो पूजा-पाठ के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। इन योगों में भगवान शिव की आराधना करना विशेष फलदायी बताया गया है और इसे शुभ परिणाम देने वाला माना जाता है।
हालांकि इस बार एक महत्वपूर्ण ज्योतिषीय स्थिति भी सामने आ रही है। रात के समय भद्रा काल का प्रभाव रहेगा, जिसे धार्मिक कार्यों के लिए शुभ नहीं माना जाता। ऐसे में पूजा का समय और विधि जानना भक्तों के लिए आवश्यक हो जाता है ताकि वे सही मुहूर्त में भगवान शिव की आराधना कर सकें।
पंडितों के अनुसार, मासिक शिवरात्रि का व्रत विशेष रूप से रात्रि में किया जाता है और निशिता काल में शिवलिंग पर जलाभिषेक, बेलपत्र, धतूरा, दूध और गंगाजल अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन भक्त उपवास रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करते हैं।
धार्मिक मान्यताओं में यह भी कहा गया है कि मासिक शिवरात्रि पर की गई पूजा साधक के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है और नकारात्मक प्रभावों को दूर करती है। इस दिन शिव भक्ति से मानसिक शांति और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
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