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Eyes खुलते ही करें हथेली दर्शन, बोलें ये मंत्र और करें दिन की शुभ शुरुआत

Religion धर्म : आज के समय में ज्यादातर लोगों की सुबह मोबाइल फोन देखने से शुरू होती है। आंख खुलते ही लोग सबसे पहले अपने फोन पर मैसेज, सोशल मीडिया या खबरें चेक करने लगते हैं। हालांकि भारतीय सनातन परंपरा में दिन की शुरुआत शांत मन और सकारात्मक सोच के साथ करने की सलाह दी गई है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सुबह उठकर अपनी हथेलियों के दर्शन करना शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि इससे मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और दिन की शुरुआत अच्छे विचारों के साथ होती है।
सनातन परंपरा में हथेलियों को कर्म और भाग्य का प्रतीक माना गया है। मान्यता है कि मनुष्य के सभी कार्य उसके हाथों से ही पूरे होते हैं, इसलिए सुबह उठकर सबसे पहले अपने हाथों को देखकर ईश्वर का स्मरण करने की परंपरा बनाई गई। ऐसा करने से व्यक्ति अपने दिन की शुरुआत आत्मविश्वास और सकारात्मक भावना के साथ करता है।
सुबह हथेली देखने की सही विधि
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सुबह आंख खुलने के बाद तुरंत बिस्तर से उठने के बजाय कुछ क्षण शांत होकर बैठना चाहिए। इसके बाद दोनों हथेलियों को आपस में जोड़कर उन्हें अपने चेहरे के सामने लाना चाहिए। कुछ देर तक अपनी हथेलियों को ध्यान से देखने के बाद उन्हें चेहरे पर हल्के से फेरना चाहिए।
मान्यता है कि इस दौरान भगवान का स्मरण और मंत्र का जाप करने से मन शांत रहता है। इसके बाद व्यक्ति अपने दैनिक कार्यों की शुरुआत कर सकता है। यह प्रक्रिया मन में अच्छे विचारों को बढ़ावा देने वाली मानी जाती है।
हथेली देखते समय पढ़ें ये मंत्र
धार्मिक ग्रंथों में सुबह हथेली दर्शन के समय एक विशेष मंत्र के उच्चारण का उल्लेख मिलता है। यह मंत्र मां लक्ष्मी, मां सरस्वती और भगवान विष्णु के स्मरण से जुड़ा हुआ है।
"कराग्रे वसते लक्ष्मीः, करमध्ये सरस्वती।करमूले तु गोविन्दः, प्रभाते करदर्शनम्॥"
इस मंत्र का अर्थ है कि हथेली के अग्र भाग में मां लक्ष्मी, मध्य भाग में मां सरस्वती और मूल भाग में भगवान विष्णु का वास माना गया है। इसलिए सुबह उठकर अपनी हथेलियों के दर्शन करते हुए इन देवी-देवताओं का स्मरण किया जाता है।
सकारात्मक सोच से जुड़ी मान्यता
धार्मिक मान्यता के अनुसार, नियमित रूप से इस मंत्र का जाप करने से मन में सकारात्मक विचार आते हैं और व्यक्ति अपने दिन की शुरुआत अच्छे भाव से करता है। माना जाता है कि इससे मन की नकारात्मकता कम होती है और आत्मविश्वास बढ़ता है।
हालांकि, इन धार्मिक मान्यताओं को आस्था और परंपरा के रूप में देखा जाता है। वैज्ञानिक दृष्टि से भी दिन की शुरुआत शांत मन, सकारात्मक सोच और अच्छी आदतों के साथ करना मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है।
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में जहां तनाव और चिंता बढ़ रही है, वहीं सुबह कुछ समय खुद के लिए निकालना, ध्यान करना या सकारात्मक विचारों के साथ दिन शुरू करना व्यक्ति के मन को बेहतर महसूस करा सकता है। यही वजह है कि सनातन परंपरा में सुबह की शुरुआत ईश्वर स्मरण और शुभ विचारों के साथ करने पर विशेष जोर दिया गया है।





