धर्म-अध्यात्म

Kundli में अंगारक दोष: कारण, प्रभाव और उपाय

Harrison
20 Nov 2025 7:12 PM IST
Kundli  में अंगारक दोष: कारण, प्रभाव और उपाय
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Religion Spirituality, धर्म अध्यात्म : भारतीय ज्योतिष शास्त्र में अंगारक दोष (Manglik Dosha) को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इसे कुंडली में मंगल ग्रह की स्थिति के आधार पर देखा जाता है। यह दोष विशेष रूप से विवाह और वैवाहिक जीवन पर असर डालता है। ज्योतिष के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में अंगारक दोष होता है, तो उसके जीवन में संघर्ष, मानसिक तनाव और वैवाहिक जीवन में बाधाएं आ सकती हैं।
अंगारक दोष कब बनता है?
अंगारक दोष तब बनता है जब मंगल ग्रह (Mars) निम्नलिखित स्थानों पर स्थित होता है:
मेष राशि में मंगल
वृषभ राशि में मंगल
मिथुन राशि में मंगल
कर्क राशि में मंगल
सिंह राशि में मंगल
कन्या राशि में मंगल
तुला राशि में मंगल
वृश्चिक राशि में मंगल
धनु, मकर और कुम्भ राशि में मंगल की स्थिति को अलग तरह से देखा जाता है।
विशेषकर विवाह योग में मंगल की स्थिति यदि चौथे, सातवें या आठवें भाव में हो, तो यह अंगारक दोष के रूप में माना जाता है। पुरुष और महिला दोनों ही इस दोष से प्रभावित हो सकते हैं।
अंगारक दोष के प्रभाव
अंगारक दोष का सबसे प्रमुख असर वैवाहिक जीवन पर पड़ता है। इसके प्रभाव इस प्रकार हैं:
विवाह में देरी या विघ्न।
वैवाहिक जीवन में अनबन और तनाव।
स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं, विशेषकर जीवनसाथी के स्वास्थ्य में अस्थिरता।
मानसिक तनाव और आर्थिक समस्याएं।
कभी-कभी पारिवारिक जीवन में अशांति और दूरियां।
हालांकि, हर अंगारक दोष व्यक्ति के जीवन पर गंभीर असर नहीं डालता। दोष की तीव्रता और निवारण उपायों के अनुसार इसका प्रभाव कम या अधिक हो सकता है।
अंगारक दोष से राहत पाने के उपाय
ज्योतिष शास्त्र में अंगारक दोष के कई उपाय बताए गए हैं। ये उपाय दोष के प्रभाव को कम करने और वैवाहिक जीवन में संतुलन बनाने में मदद करते हैं।
मंगल ग्रह की पूजा:
मंगलवार को मंगल भगवान की पूजा और उनके मंत्र का जप करने से दोष के प्रभाव कम होते हैं।
लाल वस्त्र और आभूषण:
लाल रंग का वस्त्र पहनना और मंगल रत्न (मांगलीय रत्न, जैसे लाल मूंगा) धारण करना शुभ माना जाता है।
दान और सेवा:
गरीबों, विधवाओं और निर्धनों
को लाल वस्त्र, मूंगफली और चावल का दान करना लाभकारी होता है।
विशेष व्रत और उपवास:
मंगलवार का व्रत रखने और मंगल दोष निवारक हवन करवाने से दोष का प्रभाव कम होता है।
वैवाहिक मिलान और उपाय:
विवाह के समय कुंडली मिलान में यदि दोनों पक्षों में अंगारक दोष हो, तो अंगारक दोष निवारक पूजा या संतुलन उपाय करना जरूरी है।
मंत्र और जप:
“Om Angarakaya Namah” मंत्र का नियमित जप मंगल ग्रह की सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाता है और दोष के नकारात्मक प्रभाव कम करता है।
अंगारक दोष एक सामान्य ज्योतिषीय दोष है, जिसका असर सभी व्यक्तियों पर एक समान नहीं होता। सही उपाय और ध्यान के साथ इसका प्रभाव कम किया जा सकता है। विवाह या महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले कुंडली का सही मिलान और दोष निवारक उपाय करवाना अत्यंत आवश्यक है।
ध्यान रहे कि अंगारक दोष जीवन का अंत नहीं, बल्कि मार्गदर्शन का एक तरीका है। उपाय और सकारात्मक सोच से जीवन में संतुलन और सुख प्राप्त किया जा सकता है।
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