- Home
- /
- अन्य खबरें
- /
- धर्म-अध्यात्म
- /
- अनंत चतुर्दशी: बप्पा...

x
ज्योतिष न्यूज़: भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर अनंत चतुर्दशी का पर्व मनाया जाता है और इसी दिन 10 दिनों तक चलने गणेशोत्सव पर्व का समापन होता है। इस दिन भगवान गणेश की मूर्तियों का विसर्जन होता है। हिंदू धर्म में अनंत चतुर्दशी तिथि का विशेष महत्व होता है। इस दिन भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा विधि-विधान के साथ पूजा होती है। इस वर्ष अनंत चतुर्दशी पर कई तरह के शुभ योगों का निर्माण हो रहा है। इस वर्ष अनंत चतुर्दशी का त्योहार 25 सितंबर 2026 के दिन मनाया जाएगा। इस दिन भगवान विष्णु के साथ-साथ बप्पा की विदाई करने से कई गुने शुभ फलों की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं अनंत चतुर्दशी पर भगवान गणेश का विसर्जन का मुहूर्त, विधि और मंत्र।
अनंत चतुर्दशी तिथि 2026
हिंदू पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि की शुरुआत 24 सितंबर को रात 11 बजकर 18 मिनट पर हुई है और भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि का समापन 25 सितंबर को रात 11 बजकर 06 मिनट पर होगी।
गणेश विसर्जन का शुभ मुहूर्त 2026
अनंत चतुर्दशी पर भगवान गणेश की मूर्ति का विसर्जन करने के लिए कई मुहूर्त हैं।
प्रात:काल का मुहूर्त (चर, लाभ, अमृत)- सुबह 6 बजकर 11 मिनट से लेकर 10 बजकर 42 मिनट तक।
अपराह्र मुहूर्त (शुभ)- दोपहर 12 बजकर 13 मिनट से लेकर 01 बजकर 43 मिनट तक।
अपराह्र मुहूर्त (चर)- 4 बजकर 44 मिनट से लेकर शाम 06 बजकर 14 मिनट तक।
रात्रि मुहूर्त (लाभ)- रात्रि 09 बजकर 14 मिनट से लेकर 10 बजकर 43 मिनट तक।
रात्रि मुहूर्त ( शुभ, अमृत, चर)- 26 सितंबर को देर रात 12 बजकर 13 मिनट से लेकर शाम 04 बजकर 42 मिनट तक।
गणेश विसर्जन 2026 पूजा विधि
सबसे पहले अनंत चतुर्दशी पर सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे वस्त्र धारण करें। फिर बप्पा की पूजा और विसर्जन का संकल्प लें। इसके बाद साफ-सुथरा वस्त्र धारण करके विधि-विधान के साथ बप्पा की पूजा करें। भगवान गणेश को दूर्वा, फूल, माला, सिंदूर, अक्षत, मोदक, फल और मिठाई अर्पित करें। इसके बाद घी का दीपक, धूप जलाने के साथ गणपति चालीसा और मंत्रों का पाठ करें। गणेश विसर्जन पर भगवान गणेश की विदाई करते हुए सुख-समृद्धि, खुशहाली आदि की कामना करते हुए उनको अगले साल आने का न्योता दें।
Next Story





