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धर्म-अध्यात्म
अक्षय पुण्य के लिए Amla Navami 2025: तिथि, मुहूर्त और पूजा विधि
Harrison
28 Oct 2025 9:05 PM IST

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Religion Spirituality, धर्म अध्यात्म: अक्षय पुण्य प्राप्त करने का शुभ दिन, आंवला नवमी 2025, इस बार खास धार्मिक महत्व के साथ मनाया जाएगा। हिन्दू पंचांग के अनुसार, आंवला नवमी पर आंवले के वृक्ष में भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी का वास माना जाता है। इस दिन किए जाने वाले व्रत, पूजा और परिक्रमा से स्वास्थ्य, समृद्धि, सुख-शांति और संतति की प्राप्ति होती है।
इस वर्ष आंवला नवमी तिथि अनुसार [तिथि डालें] को पड़ रही है। आंवला नवमी का शुभ मुहूर्त सुबह से लेकर देर शाम तक रहेगा। विशेष तौर पर सुबह का समय और प्रातःकालीन घंटों में पूजा करने को अधिक शुभ माना गया है।
पूजा विधि:
आंवला नवमी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद व्रतधारी को साफ और पवित्र स्थान पर पूजा करनी चाहिए। पूजा के लिए आंवले का पेड़ चुनना आवश्यक है। आंवले के पेड़ की जड़ पर हल्दी, सिंदूर और रोली से तिलक करें और हल्का सा पानी चढ़ाएं। फिर पीले वस्त्र धारण कर, भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी के चित्र या मूर्ति के सामने दीपक जलाकर घी का दीपक प्रज्वलित करें।
पूजा में सात या एकादशी बार आंवले के वृक्ष की परिक्रमा करें और प्रत्येक चरण में मंत्रोच्चारण करें। मंत्र के रूप में "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" का जाप करना विशेष रूप से शुभ माना गया है। इसके बाद प्रसाद के रूप में आंवले के फल या उसका अचार वितरित करें। व्रतधारी को इस दिन उपवास रखने और केवल शुद्ध भोजन ग्रहण करने की सलाह दी जाती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आंवला नवमी पर पूजा करने से व्यक्ति के जीवन में नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं दूर होती हैं और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। इसके अलावा, इस दिन किए गए व्रत और पूजा से आर्थिक समृद्धि और नौकरी या व्यवसाय में सफलता भी मिलती है।
आंवला नवमी का महत्व इसलिए भी विशेष है क्योंकि आंवला फल आयुर्वेद में अत्यंत लाभकारी माना जाता है। यह हृदय, आंखों, त्वचा और पाचन संबंधी समस्याओं के लिए फायदेमंद है। आंवला नवमी पर आंवले के पेड़ की पूजा करना और फल का सेवन करना स्वास्थ्य और आयु की दृष्टि से भी शुभ माना जाता है।
धार्मिक ग्रंथों में वर्णित है कि आंवला नवमी पर व्रत रखने वाले और आंवले की पूजा करने वाले व्यक्ति की सभी इच्छाएँ पूरी होती हैं और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। इस दिन का महत्व केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और सामाजिक दृष्टि से भी है।
इसलिए 2025 में आंवला नवमी का व्रत और पूजा विधि को अपनाकर न केवल धार्मिक पुण्य प्राप्त किया जा सकता है, बल्कि स्वास्थ्य, सौभाग्य और आर्थिक समृद्धि में भी वृद्धि होती है।
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