धर्म-अध्यात्म

आज भानु सप्तमी पर 4 साल बाद अद्भुत संयोग

Tara Tandi
15 Aug 2021 12:51 PM IST
आज भानु सप्तमी पर 4 साल बाद अद्भुत संयोग
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हिंदू धर्म में भानु सप्तमी का बहुत महत्व

हिंदू धर्म में भानु सप्तमी का बहुत महत्व है. ज्योतिष के अनुसार, इस तिथि को बहुत ही शुभ माना जाता है. रविवार के दिन पड़ने वाली सप्तमी तिथि को भानु सप्तमी कहते हैं. इस दिन भगवान सूर्य देव का व्रत और उपासना करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है. इस बार भानु सप्तमी 15 अगस्त दिन रविवार यानी आज है.

सावन का महीना चल रहा है और ये महीना भक्ति-भाव की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. सावन के महीने में सूर्य पूजा करना काफी शुभ होता है. ज्योतिर्विदों के अनुसार, इस बार भानु सप्तमी पर 4 साल बाद एक विशेष योग बन रहा है. इससे पहले 30 जुलाई 2017 को ऐसा संयोग बना था. ज्योतिष के अनुसार, अब 3 साल बाद यानी 11 अगस्त 2024 में ऐसी स्थिति बनने के योग हैं. इस बार सावन के महीने में इस योग का बनना शुभ माना जा रहा है. ऐसे में भगवान सूर्यदेव की पूजा-उपासना करने से जीवन के सभी संकट दूर हो सकते हैं.

पूजा विधि:

प्रात:काल सूर्योदय से पहले उठकर स्नान आदि कर लें. इसके बाद तांबे के लोटे में जल भरकर इसमें लाल चंदन, लाल फूल, चावल और थोड़ा गेहूं डाल लें. अब उगते हुए सूर्य को जल देते हुए ऊं घृणि सूर्याय नम: मंत्र का जाप करें. इसके बाद भगवान सूर्यदेव को हाथ जोड़कर उनका ध्यान करें. पूजा के बाद आदित्य हृदय स्तोत्र का भी पाठ कर सकते हैं. इसके अलावा, भगवान सूर्यदेव के अलग-अलग नामों का जाप कर सकते हैं.

ऐसे करें व्रत:

सूर्यदेव का ध्यान करके बिना नमक का व्रत करने का संकल्प लें. इस दिन तांबे के बर्तन में पानी पीना शुभ माना जाता है. पूरे दिन व्रत करने के बाद बिना नमक का फलाहर करें. अगले दिन सूर्यदेव को अर्घ्य देने के बाद व्रत खोलें. इसके बाद किसी जरूरतमंद व्यक्ति या ब्राह्मणों को वस्त्र, फल आदि का दान करें. भानु सप्तमी के दिन गाय को चारा खिलाने से शुभ फल मिलता है.

जीवन के संकट दूर होते हैं:

ज्योतिष के अनुसार, सावन में भानु सप्तमी पर सूर्य को जल चढ़ाने से विशेष फल की प्राप्ति होती है. इस दिन सूर्य को जल देने से एकाग्रता बढ़ती है, मानसिक तनाव दूर होता है, और धन-धान्य में वृद्धि होती है. भानु सप्तमी के दिन दान करने का भी बहुत महत्व है. इस दिन दान करने से जीवन से संकट दूर होते हैं और आर्थिक स्थिति अच्छी रहती है. ज्योतिष में सूर्य को पिता का प्रतीक माना जाता है. इस दिन भगवान सूर्यदेव की विधि-विधान से पूजा और व्रत करने से पिता और पुत्र के संबंधों में प्यार बढ़ता है

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