धर्म-अध्यात्म

गरुड़ पुराण के अनुसार घर में न रखें मृतक की ये 3 चीजें, माना जाता है अशुभ

nidhi
6 Jun 2026 12:48 PM IST
गरुड़ पुराण के अनुसार घर में न रखें मृतक की ये 3 चीजें, माना जाता है अशुभ
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मृत व्यक्ति की कुछ चीजें घर में रखने से जुड़ी मान्यताएं और सावधानियां
Garud Puran: गरुड़ पुराण हिंदू धर्म के 18 महापुराणों में से एक है, जिसमें जन्म, मृत्यु और मृत्यु के बाद की अवस्थाओं का विस्तार से वर्णन किया गया है. अक्सर देखा जाता है कि लोग अपने किसी प्रियजन के निधन के बाद उनकी यादों को संजोने के लिए उनकी इस्तेमाल की हुई वस्तुओं को घर में रख लेते हैं या उनका उपयोग करने लगते हैं. धार्मिक मान्यताओं और गरुड़ पुराण के अनुसार, मृतक की कुछ वस्तुओं को घर में नहीं रखना चाहिए और न ही उनका उपयोग करना चाहिए. ऐसा करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ने की मान्यता है तथा पितृ दोष का प्रभाव भी माना जाता है.
घर में न रखें मृत व्यक्ति की ये 3 चीजें
शास्त्रों के अनुसार, किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद भी उसका सांसारिक वस्तुओं के प्रति मोह तुरंत समाप्त नहीं होता. मान्यता है कि यदि परिवार के सदस्य उसकी कुछ निजी वस्तुओं का उपयोग करते हैं, तो आत्मा का पृथ्वी लोक से जुड़ाव बना रह सकता है, जिससे उसकी मोक्ष यात्रा में बाधा उत्पन्न होती है.
1. मृत व्यक्ति के कपड़े
गरुड़ पुराण में मृतक के कपड़ों को लेकर विशेष सावधानी बरतने की बात कही गई है. माना जाता है कि व्यक्ति का अपने कपड़ों और बिस्तर से गहरा शारीरिक और भावनात्मक संबंध होता है. इसलिए मृतक के कपड़ों का उपयोग करने से उसकी सूक्ष्म ऊर्जा का प्रभाव जीवित व्यक्ति पर पड़ सकता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इससे मानसिक तनाव, भय, उदासी या स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां उत्पन्न हो सकती हैं.
2. हाथ की घड़ी
घड़ी को व्यक्ति के जीवन और उसके समय का प्रतीक माना जाता है. गरुड़ पुराण के अनुसार, मृतक की घड़ी को स्वयं नहीं पहनना चाहिए. मान्यता है कि ऐसा करने से उसकी अधूरी इच्छाओं और जीवन की ऊर्जा का प्रभाव आपके कार्यों और निर्णयों पर पड़ सकता है, जिससे जीवन में बाधाएं और परेशानियां बढ़ सकती हैं.
3. जूते-चप्पल
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जूते-चप्पल व्यक्ति की नकारात्मक ऊर्जा और जीवन के संघर्षों से जुड़े होते हैं. इसलिए मृतक के जूते-चप्पलों को घर में रखने या दोबारा उपयोग करने से बचना चाहिए. माना जाता है कि इससे भाग्य में रुकावट, मानसिक तनाव और पितृ दोष का प्रभाव बढ़ सकता है. ऐसे जूते-चप्पलों को किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दान करना शुभ माना जाता है.
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