धर्म-अध्यात्म

Aaj Ka Panchang : आज का पंचांग, 3 अक्टूबर 2026

Subhi
3 Oct 2026 6:31 AM IST
Aaj Ka Panchang : आज का पंचांग, 3 अक्टूबर 2026
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शक संवत 1948, आश्विन, कृष्ण, सप्तमी, शनिवार, विक्रम संवत् 2083। तदनुसार अंग्रेजी तारीख 03 अक्टूबर सन् 2026 ई॰। सूर्य दक्षिणायन, शरद ऋतु। राहुकाल सुबह 09 बजकर 00 मिनट से 10 बजकर 30 मिनट तक। सप्तमी तिथि प्रातः 07 बजकर 59 मिनट तक उपरांत अष्टमी तिथि का आरंभ।

आर्द्रा नक्षत्र अगले दिन मध्यरात्रि बाद 01 बजकर 29 मिनट (04 अक्टूबर) तक उपरांत पुनर्वसु नक्षत्र का आरंभ। वरीयान योग दोपहर 03 बजकर 21 मिनट तक उपरांत परिघ योग का आरंभ। बव करण प्रातः 07 बजकर 59 मिनट तक उपरांत बालव करण का आरंभ। चन्द्रमा दिन-रात मिथुन राशि पर संचार करेगा।

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

सूर्योदय का समय: प्रातः 06:15 बजे

सूर्यास्त का समय: सायं 06:05 बजे

चंद्रोदय का समय: रात्रि 11:32 बजे

चंद्रास्त का समय: अगले दिन दोपहर 01:04 बजे (04 अक्टूबर)

सूर्य और चंद्रमा की राशियां

सूर्य देव: कन्या राशि में स्थित हैं

चन्द्र देव: मिथुन राशि में स्थित हैं

आज का शुभ मुहूर्त 03 अक्टूबर 2026 :

अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 11 बजकर 46 मिनट से 12 बजकर 34 मिनट तक रहेगा।

अमृत काल : सायं 04 बजकर 05 मिनट से सायं 05 बजकर 35 मिनट तक रहेगा।

आज का चौघड़िया मुहूर्त 03 अक्टूबर 2026 :

काल (सामान्य) : सुबह 06 बजकर 15 मिनट से 07 बजकर 44 मिनट तक।

शुभ (उत्तम) : सुबह 07 बजकर 44 मिनट से 09 बजकर 12 मिनट तक।

रोग (सामान्य) : सुबह 09 बजकर 12 मिनट से 10 बजकर 41 मिनट तक।

उद्वेग (अशुभ) : सुबह 10 बजकर 41 मिनट से दोपहर 12 बजकर 10 मिनट तक।

आज का अशुभ मुहूर्त 03 अक्टूबर 2026 :

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आज का राहुकाल : सुबह 09 बजकर 00 मिनट से 10 बजकर 30 मिनट तक रहेगा।

आज का गुलिक काल : सुबह 06 बजकर 00 मिनट से 07 बजकर 30 मिनट तक रहेगा।

आज का यमगंड : दोपहर 01 बजकर 30 मिनट से 03 बजकर 30 मिनट तक रहेगा।

महालक्ष्मी व्रत 2026

महालक्ष्मी व्रत प्रारंभ: 19 सितंबर, शनिवार

महालक्ष्मी व्रत समाप्त: 03 अक्टूबर, शनिवार

कुल व्रत दिवस: 15 दिन

अष्टमी तिथि प्रारंभ: 18 सितंबर, दोपहर 01:00 बजे

अष्टमी तिथि समाप्त: 19 सितंबर, दोपहर 03:26 बजे

आज का उपाय :आज शनिवार व महालक्ष्मी व्रत के समापन के पावन अवसर पर माता लक्ष्मी और भगवान शनिदेव की पूजा करें, कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें तथा पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।

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