धर्म-अध्यात्म

आसमान में दिखेगा चंद्र ग्रहण का अद्भुत नजारा भारत रहेगा दूर

Ratna Netam
18 Aug 2026 8:18 PM IST
आसमान में दिखेगा चंद्र ग्रहण का अद्भुत नजारा भारत रहेगा दूर
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नई दिल्ली। साल 2026 का आखिरी चंद्र ग्रहण खगोलीय घटनाओं में बेहद खास रहने वाला है। अगस्त 2026 में लगने वाला यह चंद्र ग्रहण काफी गहरा आंशिक चंद्र ग्रहण होगा, जिसमें चंद्रमा का बड़ा हिस्सा पृथ्वी की छाया में चला जाएगा। हालांकि, भारत के खगोल प्रेमियों के लिए यह खबर थोड़ी निराश करने वाली है, क्योंकि यह ग्रहण भारत से दिखाई नहीं देगा।यह चंद्र ग्रहण **27-28 अगस्त 2026** को लगेगा। इस दौरान चंद्रमा का लगभग 96 प्रतिशत हिस्सा पृथ्वी की गहरी छाया (Umbra) में पहुंच जाएगा, जिससे चंद्रमा का रंग हल्का लाल या नारंगी दिखाई दे सकता है। इसे कई लोग ब्लड मून जैसी घटना के रूप में भी देखते हैं।
भारत में नहीं दिखेगा 2026 का आखिरी चंद्र ग्रहण
खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार, अगस्त 2026 का आंशिक चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसकी वजह यह है कि ग्रहण के समय भारत में चंद्रमा क्षितिज के नीचे होगा या दृश्य स्थिति में नहीं रहेगा। भारत में रहने वाले लोग इस खगोलीय घटना को सीधे आसमान में नहीं देख पाएंगे। हालांकि, दुनिया की कई अंतरिक्ष एजेंसियां और खगोल विज्ञान से जुड़े प्लेटफॉर्म इसके लाइव प्रसारण की सुविधा दे सकते हैं।
कब लगेगा चंद्र ग्रहण?
अगस्त 2026 का चंद्र ग्रहण **28 अगस्त 2026** को अपने चरम पर पहुंचेगा। यह एक आंशिक चंद्र ग्रहण होगा, जिसमें चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की छाया में नहीं जाएगा, बल्कि उसका बड़ा हिस्सा अंधकारमय दिखाई देगा। इस ग्रहण की खास बात यह होगी कि यह काफी गहरा आंशिक ग्रहण होगा। वैज्ञानिकों के मुताबिक, चंद्रमा का लगभग 96.2 प्रतिशत भाग पृथ्वी की गहरी छाया में प्रवेश करेगा।
किन देशों में दिखाई देगा चंद्र ग्रहण?
यह चंद्र ग्रहण मुख्य रूप से उन क्षेत्रों में दिखाई देगा जहां उस समय रात होगी। इसे उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका के कई हिस्सों में देखा जा सकेगा। इसके अलावा यूरोप और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में भी यह नजर आएगा।
संभावित रूप से जिन क्षेत्रों में यह ग्रहण दिखाई देगा, उनमें शामिल हैं:
* अमेरिका के कई हिस्से
* कनाडा के कुछ क्षेत्र
* दक्षिण अमेरिका
* यूरोप के कुछ हिस्से
* अफ्रीका के कुछ इलाके
* अटलांटिक और प्रशांत महासागर के आसपास के क्षेत्र
इन जगहों पर रहने वाले लोग खुले आसमान में इस खगोलीय घटना को देख सकेंगे।
चंद्र ग्रहण कैसे लगता है?
चंद्र ग्रहण तब लगता है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है। इस स्थिति में पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है और चंद्रमा कुछ समय के लिए अंधेरा दिखाई देने लगता है।आंशिक चंद्र ग्रहण में चंद्रमा का कुछ हिस्सा पृथ्वी की छाया में आता है, जबकि पूरा चंद्र ग्रहण होने पर पूरा चंद्रमा छाया में चला जाता है।
क्या चंद्र ग्रहण को देखने के लिए सावधानी जरूरी है?
सूर्य ग्रहण के विपरीत चंद्र ग्रहण को देखने के लिए किसी विशेष चश्मे या उपकरण की आवश्यकता नहीं होती। इसे सामान्य आंखों से सुरक्षित तरीके से देखा जा सकता है।अगर मौसम साफ हो और आसमान में बादल न हों तो ग्रहण को आसानी से देखा जा सकता है।
2026 में कितने ग्रहण लगेंगे?
साल 2026 में कुल चार ग्रहण होंगे, जिनमें दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण शामिल हैं। अगस्त 2026 का चंद्र ग्रहण इस साल का आखिरी चंद्र ग्रहण होगा। ([Time and Date][4])इससे पहले मार्च 2026 में भी एक पूर्ण चंद्र ग्रहण हुआ था, जिसे दुनिया के कई हिस्सों में देखा गया।
धार्मिक मान्यताओं में चंद्र ग्रहण का महत्व
भारत में चंद्र ग्रहण को धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। हिंदू धर्म में ग्रहण के दौरान कई परंपराओं और मान्यताओं का पालन किया जाता है।कई लोग ग्रहण के समय पूजा-पाठ, मंत्र जाप और धार्मिक नियमों का पालन करते हैं। हालांकि, वैज्ञानिक दृष्टिकोण से ग्रहण एक सामान्य खगोलीय घटना है, जिसका कारण पृथ्वी, चंद्रमा और सूर्य की स्थिति में बदलाव होता है।
खगोल प्रेमियों के लिए खास मौका
भले ही भारत में यह चंद्र ग्रहण दिखाई नहीं देगा, लेकिन दुनिया के अन्य हिस्सों में रहने वाले खगोल प्रेमियों के लिए यह एक शानदार अवसर होगा। इतने बड़े हिस्से में चंद्रमा का पृथ्वी की छाया में जाना एक दुर्लभ दृश्य माना जाता है।अगस्त 2026 का यह चंद्र ग्रहण वैज्ञानिकों और आकाश देखने वालों के लिए अध्ययन का महत्वपूर्ण अवसर भी होगा।
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