धर्म-अध्यात्म

Kal Bhairav ​​Jayanti पर ग्रहों का महासंयोग, इस समय करें भगवान शिव की पूजा

Harrison
10 Nov 2025 9:57 PM IST
Kal Bhairav ​​Jayanti पर ग्रहों का महासंयोग, इस समय करें भगवान शिव की पूजा
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Religion Spirituality, धर्म अध्यात्म : हिंदू पंचांग के अनुसार इस बार की काळ भैरव जयंती बेहद खास और शुभ मानी जा रही है, क्योंकि यह दिन ग्रहों के अनुकूल संयोग में पड़ रहा है। ज्योतिषियों के अनुसार, इस समय का साधना और पूजा के लिए करना विशेष फलदायक है। इसे करने से न केवल घर में सुख-समृद्धि आती है, बल्कि व्यक्तियों के व्यक्तित्व और भाग्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
काळ भैरव, जिन्हें भगवान शिव का क्रोधी रूप माना जाता है, विशेष रूप से समय और न्याय के देवता माने जाते हैं। माना जाता है कि उनका आशीर्वाद पाने से जीवन में सभी बाधाएँ दूर हो जाती हैं और व्यक्ति पर नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव कम होता है। इस साल का महासंयोग ज्योतिष शास्त्र में इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इस समय ग्रहों की स्थिति भाग्य, स्वास्थ्य और धन की दिशा में विशेष अनुकूल है।
ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि इस अवसर पर सुबह के समय काल भैरव की पूजा करना अत्यंत लाभकारी है। पूजा में मुख्य रूप से पंचामृत, दीपक, लाल फूल और काले तिल का उपयोग किया जाता है। भक्त इस दिन विशेष रूप से मंगलवार या शनिवार के दिन काल भैरव के मंदिर में जाकर पूजा करते हैं। पूजा के दौरान भगवान शिव और काल भैरव के मंत्रों का जप करने से मानसिक शांति और आत्मविश्वास बढ़ता है।
विशेष रूप से इस जयंती पर काल भैरव के मंत्र “ॐ कालभैरवाय नमः
” का जप करना अत्यंत शुभ माना गया है। ज्योतिषियों के अनुसार, इस मंत्र का नियमित जाप करने से व्यक्ति के जीवन में भय, शत्रुता और दुर्घटनाओं का प्रभाव कम होता है। इसके अलावा, व्यवसाय में लाभ और पारिवारिक जीवन में सुख-शांति भी बनी रहती है।
भू- और ग्रह-स्थिति के अनुसार, इस वर्ष का महासंयोग इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि सूर्य, चंद्रमा और मंगल जैसे प्रमुख ग्रह सकारात्मक स्थिति में हैं। इस समय पूजा करने से विशेष रूप से नौकरी और व्यापार में सफलता मिलती है। इसके अलावा विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों के लिए भी यह समय अध्ययन और करियर में सफलता लाने वाला है।
ज्योतिषाचार्यों की सलाह है कि इस दिन सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें और मंदिर जाकर या घर पर ही भगवान शिव और काल भैरव की पूजा करें। पूजा के दौरान लाल वस्त्र, चावल, काले तिल और काली वस्तुएँ अर्पित करना अत्यंत शुभ माना गया है। इसके साथ ही भक्तों को ध्यान और साधना के माध्यम से अपने मन को शांत रखना चाहिए।
कुल मिलाकर, इस वर्ष की काल भैरव जयंती और ग्रहों का महासंयोग न केवल धार्मिक दृष्टि से, बल्कि व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन में भी बेहद महत्वपूर्ण है। इस अवसर का सही ढंग से लाभ उठाने से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन और सफलता प्राप्त की जा सकती है।
भक्त इस दिन अपने घर में विशेष पूजा और मंत्रों का जाप कर सकते हैं, और मंदिर जाकर काल भैरव के दर्शन कर सकते हैं। ज्योतिषियों का मानना है कि इस दिन की गई साधना और पूजा पूरे साल के लिए भाग्य और समृद्धि का मार्ग खोलती है।
इस प्रकार, काल भैरव जयंती इस वर्ष अपने अनुकूल ग्रहों के साथ सभी के लिए विशेष अवसर लेकर आई है। भगवान शिव और काल भैरव की पूजा करने से जीवन में हर तरह के संकट दूर होते हैं और सफलता, समृद्धि और मानसिक शांति प्राप्त होती है।
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