धर्म-अध्यात्म

इस भानु सप्तमी पर बन रहा दुर्लभ योग, शुभ समय पर करें पूजा

Kanchan Paikara
15 Jun 2026 7:36 PM IST
इस भानु सप्तमी पर बन रहा दुर्लभ योग, शुभ समय पर करें पूजा
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धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, सूर्य देव को सभी ग्रहों का राजा माना जाता है।

Religion धर्म : वैदिक पंचांग के अनुसार हर माह के कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को भानु सप्तमी के रूप में मनाया जाता है। यह दिन विशेष रूप से सूर्य देव की पूजा-अर्चना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भानु सप्तमी पर सूर्य देव की आराधना करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और व्यक्ति को स्वास्थ्य, समृद्धि और आत्मबल की प्राप्ति होती है।

भानु सप्तमी का महत्व हिंदू धर्म में काफी गहरा माना जाता है। ‘भानु’ शब्द का अर्थ सूर्य से होता है और सप्तमी तिथि को सूर्य देव से जोड़कर देखा जाता है। इस दिन भक्त सुबह जल्दी उठकर स्नान करते हैं और उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देते हैं। माना जाता है कि इस दिन सूर्य देव की उपासना करने से शरीर और मन दोनों को शुद्धि मिलती है।

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, सूर्य देव को सभी ग्रहों का राजा माना जाता है। इसलिए भानु सप्तमी के दिन उनकी पूजा करने से कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है। इससे व्यक्ति के मान-सम्मान, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता में वृद्धि होती है। कई ज्योतिषाचार्य यह भी मानते हैं कि इस दिन सूर्य उपासना करने से पितृ दोष और अन्य ग्रह दोषों का प्रभाव कम हो सकता है।

भानु सप्तमी के दिन विशेष रूप से सर्वार्थ सिद्धि योग का भी संयोग बनता है, जो इसे और अधिक शुभ बना देता है। इस योग में किए गए कार्यों का फल अधिक शुभ और सफल माना जाता है। इसी कारण इस दिन लोग नए कार्यों की शुरुआत, पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान करने को प्राथमिकता देते हैं।

पूजा विधि की बात करें तो इस दिन भक्त प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करते हैं। इसके बाद तांबे के पात्र में जल, लाल फूल, अक्षत और कुमकुम डालकर सूर्य देव को अर्घ्य दिया जाता है। सूर्य मंत्रों का जाप करना भी अत्यंत शुभ माना जाता है। ‘ॐ सूर्याय नमः’ मंत्र का जाप विशेष फलदायी होता है।

इसके अलावा इस दिन व्रत रखने का भी विधान है। कई लोग बिना अन्न ग्रहण किए सूर्य देव की आराधना करते हैं और केवल फलाहार पर रहते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस प्रकार की साधना से मानसिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त होती है।

भानु सप्तमी के दिन दान-पुण्य का भी विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र और तांबे से संबंधित वस्तुओं का दान करना शुभ माना जाता है। इससे जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है।

कुल मिलाकर भानु सप्तमी केवल एक धार्मिक तिथि नहीं बल्कि आध्यात्मिक उन्नति का अवसर माना जाता है। इस दिन सूर्य देव की उपासना करके व्यक्ति अपने जीवन में नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और सफलता प्राप्त कर सकता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो व्यक्ति श्रद्धा और नियम से इस दिन पूजा करता है, उसके जीवन में सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य का आशीर्वाद बना रहता है।

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