- Home
- /
- अन्य खबरें
- /
- धर्म-अध्यात्म
- /
- कृष्ण जन्मभूमि में...
धर्म-अध्यात्म
कृष्ण जन्मभूमि में सजेगा दिव्य दरबार पंचरत्नी पोशाक में विराजेंगे कान्हा
Ratna Netam
4 Sept 2026 9:54 PM IST

x
धर्म : भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि **मथुरा** में जन्माष्टमी का उत्सव इस बार बेहद भव्य और दिव्य स्वरूप में मनाया जा रहा है। श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर में कान्हा के जन्मोत्सव को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। श्रद्धालुओं को उस खास पल का इंतजार है जब मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण का जन्माभिषेक होगा और ठाकुरजी **पंचरत्नी पोशाक** धारण कर भक्तों को दर्शन देंगे।
मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव **रात्रि 12 बजे** मनाया जाएगा। इसी दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, शंख ध्वनि और जयकारों के बीच कान्हा का अभिषेक किया जाएगा।
मध्यरात्रि में होगा भगवान का जन्माभिषेक
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में मध्यरात्रि के समय हुआ था। इसी परंपरा के अनुसार मथुरा में भी रात के समय जन्मोत्सव का आयोजन किया जाता है।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर में जन्म के समय विशेष पूजा-अर्चना, अभिषेक और आरती का आयोजन होगा। मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए विशेष सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था की गई है।
पंचरत्नी पोशाक में नजर आएंगे कान्हा
इस बार श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर ठाकुरजी का विशेष श्रृंगार आकर्षण का केंद्र रहेगा। भगवान श्रीकृष्ण को **पंचरत्नी पोशाक** धारण कराई जाएगी।
इस विशेष पोशाक पर समुद्र मंथन से जुड़े शुभ प्रतीकों को उकेरा गया है। इसमें **कामधेनु गाय, पांचजन्य शंख, अमृत कलश, ऐरावत हाथी और कल्पवृक्ष** जैसे दिव्य प्रतीकों को शामिल किया गया है।
इसके साथ ही भगवान श्रीकृष्ण को रत्न जड़ित मुकुट, बांसुरी और अन्य आभूषणों से सजाया जाएगा। ब्रज के कारीगरों ने विशेष मेहनत से यह पोशाक तैयार की है।
200 किलो चांदी से सजा गर्भगृह
श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर को जन्मोत्सव के लिए विशेष रूप से सजाया गया है। इस बार गर्भगृह की सजावट में करीब **200 किलो चांदी** का इस्तेमाल किया गया है।
रजत कमल में विराजमान भगवान श्रीकृष्ण का जन्माभिषेक श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहेगा। मंदिर परिसर में भव्य सजावट और धार्मिक कार्यक्रमों की तैयारी पूरी कर ली गई है।
भक्तों के लिए खास इंतजाम
जन्माष्टमी पर देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के मथुरा पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है।
मंदिर परिसर में भीड़ नियंत्रण, प्रवेश और निकासी के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। पुलिस और प्रशासनिक टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।
सुबह से शुरू होंगे धार्मिक कार्यक्रम
जन्माष्टमी के दिन सुबह से ही श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर धार्मिक कार्यक्रम शुरू हो जाएंगे। मंगला आरती, विशेष पूजा और अन्य अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा।
रात में जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का समय आएगा, पूरा परिसर **"नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की"** के जयघोष से गूंज उठेगा।
ब्रज में छाई जन्माष्टमी की रौनक
मथुरा-वृंदावन समेत पूरे ब्रज क्षेत्र में जन्माष्टमी की धूम है। मंदिरों को आकर्षक तरीके से सजाया गया है और जगह-जगह भजन, कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
श्रद्धालु भगवान कृष्ण के दर्शन और जन्मोत्सव में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में ब्रज पहुंच रहे हैं।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान का धार्मिक महत्व
मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मस्थान को भगवान कृष्ण की जन्मभूमि माना जाता है। इसलिए यहां मनाई जाने वाली जन्माष्टमी का विशेष महत्व है।
हर साल जन्माष्टमी पर देशभर से श्रद्धालु मथुरा पहुंचते हैं और मध्यरात्रि में होने वाले जन्मोत्सव के साक्षी बनते हैं।
Next Story





