धर्म-अध्यात्म

अकाल में प्रकट हुई प्रतिमा से जुड़ा हनुमान मंदिर

Bharti Sahu
20 Jun 2026 9:44 PM IST
अकाल में प्रकट हुई प्रतिमा से जुड़ा हनुमान मंदिर
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Religion धर्म : राजस्थान के जालोर जिले के आलासन गांव में स्थित अलासन हनुमान मंदिर आस्था और चमत्कार की अनोखी मिसाल माना जाता है। यह मंदिर करीब 300 साल पुराना बताया जाता है और आज भी श्रद्धालुओं के लिए गहरी आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यहां स्थित 35 फीट ऊंची बजरंगबली की प्रतिमा दूर-दूर से आने वाले भक्तों को आकर्षित करती है।

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, इस मंदिर की शुरुआत एक भीषण अकाल के समय हुई थी। उस दौर में गांव के लोग गंभीर संकट का सामना कर रहे थे और पलायन करने पर मजबूर हो गए थे। इसी कठिन समय में एक साधु के संकेत के बाद गांव में एक चमत्कारिक घटना घटी, जिसने पूरे क्षेत्र की दिशा बदल दी।

कहा जाता है कि जाल के पेड़ के नीचे बजरंगबली की प्रतिमा प्रकट हुई। इस घटना को ग्रामीणों ने दैवीय संकेत माना और अपने पलायन के निर्णय को बदल दिया। इसके बाद लोगों ने उसी स्थान पर पूजा-अर्चना शुरू की और धीरे-धीरे यह स्थान एक धार्मिक स्थल के रूप में विकसित हो गया।

समय के साथ यहां मंदिर का निर्माण किया गया और यह स्थान श्रद्धा का बड़ा केंद्र बन गया। आज यह मंदिर न केवल जालोर जिले में बल्कि पूरे राजस्थान में एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल के रूप में जाना जाता है। यहां आने वाले भक्तों का मानना है कि बजरंगबली की कृपा से उनकी परेशानियां दूर होती हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

मंदिर की सबसे खास बात यहां स्थित विशाल 35 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा है, जो दूर से ही भक्तों को अपनी ओर आकर्षित करती है। प्रतिमा का भव्य स्वरूप और मंदिर का शांत वातावरण श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करता है।

हर वर्ष यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंगलवार और शनिवार को विशेष भीड़ देखने को मिलती है, जब भक्त पूजा-अर्चना और हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, मंदिर में आने वाले कई श्रद्धालु अपनी समस्याओं से राहत मिलने का अनुभव भी साझा करते हैं।

यह मंदिर न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि गांव के सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन का भी महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। समय के साथ यहां कई विकास कार्य भी हुए हैं, जिससे श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बढ़ी हैं।

कुल मिलाकर, अलासन हनुमान मंदिर आस्था, विश्वास और चमत्कार की उस परंपरा का प्रतीक है, जो पीढ़ियों से लोगों को जोड़ती आ रही है। अकाल के कठिन समय में शुरू हुई यह कहानी आज एक ऐसे धार्मिक केंद्र में बदल चुकी है, जो श्रद्धा और विश्वास की मिसाल बन चुका है।

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