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धर्म-अध्यात्म
माथे के बीच सिंदूर लगाने की परंपरा के पीछे छिपा है बड़ा रहस्य
nidhi
1 Sept 2026 8:40 AM IST

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धार्मिक और वैज्ञानिक मान्यताएं
नई दिल्ली: भारतीय संस्कृति में सिंदूर को सुहाग की सबसे महत्वपूर्ण निशानियों में से एक माना जाता है। हिंदू परंपरा में विवाहित महिलाएं अपनी मांग के बीचों-बीच सिंदूर लगाती हैं। यह केवल श्रृंगार का हिस्सा नहीं बल्कि वैवाहिक जीवन, सौभाग्य और पति की लंबी उम्र की कामना से जुड़ी धार्मिक मान्यता भी है।
शादी के समय सिंदूर दान की रस्म निभाई जाती है, जिसमें पति अपनी पत्नी की मांग में पहली बार सिंदूर भरता है। इसके बाद महिलाएं इसे अपनी वैवाहिक पहचान और शुभता के प्रतीक के रूप में धारण करती हैं।
धार्मिक महत्व क्या है?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार लाल रंग को शक्ति, ऊर्जा, प्रेम और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। सिंदूर को मां पार्वती और देवी शक्ति से भी जोड़ा जाता है। मान्यता है कि सिंदूर धारण करने से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और पति की लंबी आयु की कामना पूरी होती है।
कई परंपराओं में सिंदूर को नारी के सौभाग्य और उसके पति के प्रति प्रेम व समर्पण का प्रतीक माना गया है। यही कारण है कि शादीशुदा महिलाओं के सोलह श्रृंगार में सिंदूर का विशेष स्थान होता है।
माथे के बीचों-बीच लगाने की वजह
सिंदूर आमतौर पर मांग के बीच वाली रेखा में लगाया जाता है। भारतीय आध्यात्मिक परंपरा में माथे के बीच के हिस्से को ध्यान और ऊर्जा का केंद्र माना जाता है। इसे आज्ञा चक्र से भी जोड़ा जाता है, जिसे मानसिक एकाग्रता और चेतना का केंद्र माना जाता है।
वैज्ञानिक मान्यता क्या कहती है?
कुछ मान्यताओं के अनुसार मांग का स्थान शरीर के महत्वपूर्ण बिंदुओं में से एक माना जाता है। पारंपरिक रूप से माना जाता है कि यहां सिंदूर लगाने से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। हालांकि, इन दावों के वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं और इन्हें मुख्य रूप से सांस्कृतिक एवं पारंपरिक मान्यताओं के रूप में देखा जाता है।
पुराने समय में सिंदूर प्राकृतिक चीजों से बनाया जाता था, लेकिन आज बाजार में मिलने वाले सिंदूर की गुणवत्ता पर ध्यान देना जरूरी है। कुछ सिंथेटिक सिंदूर में हानिकारक रसायन पाए जाने की आशंका रहती है, इसलिए अच्छी गुणवत्ता वाले उत्पाद का इस्तेमाल करना चाहिए।
क्यों है लाल रंग का महत्व?
लाल रंग को भारतीय संस्कृति में शुभता, ऊर्जा और शक्ति का प्रतीक माना जाता है। शादी-ब्याह जैसे शुभ अवसरों पर लाल रंग का विशेष महत्व होता है। सिंदूर का लाल रंग इसी परंपरा और आस्था को दर्शाता है।
आज के समय में कई महिलाएं सिंदूर को अपनी पसंद और विश्वास के अनुसार लगाती हैं। कुछ के लिए यह धार्मिक आस्था है, तो कुछ के लिए यह अपनी संस्कृति और परंपरा से जुड़ाव का प्रतीक है।
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