धर्म-अध्यात्म

राहु से जुड़े 4 गलत विश्वास, ज्योतिष में क्या है उनकी हकीकत

Ratna Netam
19 Jun 2026 9:06 PM IST
राहु से जुड़े 4 गलत विश्वास, ज्योतिष में क्या है उनकी हकीकत
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लोग इसे अशुभ मान लेते हैं

Religion धर्म : वैदिक ज्योतिष में राहु ग्रह को लेकर लोगों के बीच अक्सर डर और भ्रम की स्थिति देखने को मिलती है। राहु का नाम आते ही कई लोग इसे अशुभ मान लेते हैं और मानते हैं कि कुंडली में राहु होने का मतलब जीवन में लगातार परेशानियां ही मिलेंगी।

हालांकि ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि यह धारणा पूरी तरह सही नहीं है। ज्योतिष में राहु को केवल नकारात्मक ग्रह के रूप में नहीं देखा जाता, बल्कि इसका प्रभाव व्यक्ति की सोच, इच्छाओं, महत्वाकांक्षा और जीवन में आने वाले अचानक बदलावों पर भी पड़ता है।

ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार राहु का प्रभाव व्यक्ति के मानसिक स्तर और उसकी निर्णय लेने की क्षमता पर भी देखा जाता है। कई बार यह ग्रह व्यक्ति को बड़ी सोच, अलग दृष्टिकोण और तेज प्रगति की ओर भी प्रेरित करता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि राहु का प्रभाव पूरी तरह उसकी कुंडली में स्थिति, अन्य ग्रहों के साथ संबंध और भावों पर निर्भर करता है। अगर राहु शुभ स्थिति में हो, तो यह व्यक्ति को सफलता, प्रसिद्धि और अप्रत्याशित लाभ भी दिला सकता है।

वहीं, अशुभ स्थिति में राहु भ्रम, गलत निर्णय और अस्थिरता जैसी स्थितियां पैदा कर सकता है। लेकिन इसे केवल नकारात्मक मानना सही नहीं है, क्योंकि हर ग्रह का प्रभाव संतुलित रूप में देखा जाना चाहिए।

ज्योतिष के अनुसार राहु को रहस्य, तकनीक, विदेश यात्रा, रिसर्च और नई सोच से भी जोड़ा जाता है। कई बार ऐसे लोग जो इन क्षेत्रों में सफलता हासिल करते हैं, उनकी कुंडली में राहु का प्रभाव मजबूत माना जाता है।

इसलिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि राहु से डरने के बजाय उसके प्रभाव को समझना अधिक जरूरी है। सही मार्गदर्शन और सकारात्मक सोच के साथ व्यक्ति इसके प्रभाव को अपने पक्ष में भी बदल सकता है।

कुल मिलाकर, राहु को केवल अशुभ ग्रह मान लेना ज्योतिष की अधूरी समझ को दर्शाता है। इसका प्रभाव व्यक्ति के जीवन में अवसर और चुनौतियां दोनों ला सकता है, जो उसकी कुंडली और कर्म पर निर्भर करता है।


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