धर्म-अध्यात्म

सिंहपुर गांव में 1000 साल पुरानी हनुमान प्रतिमा, आस्था और इतिहास का केंद्र

Kavita2
12 May 2026 5:26 PM IST
सिंहपुर गांव में 1000 साल पुरानी हनुमान प्रतिमा, आस्था और इतिहास का केंद्र
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Chhatarpur छतरपुर : छतरपुर जिले से लगभग 50 किलोमीटर दूर नौगांव जनपद के सिंहपुर गांव में उर्मिल नदी के किनारे स्थित एक प्राचीन हनुमान प्रतिमा श्रद्धा और इतिहास का महत्वपूर्ण केंद्र बनी हुई है। इस प्रतिमा को लगभग 1000 साल पुराना बताया जाता है, जिसे देखने और पूजा करने के लिए आसपास के क्षेत्रों से श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचते हैं।

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, जिस स्थान पर आज यह प्रतिमा स्थित है, वहां पहले एक पुराना गांव बसा हुआ था, जिसे बीरानखेरा बस्ती के नाम से जाना जाता था। ग्रामीणों के अनुसार, उस समय भी यहां हनुमान जी की यह प्राचीन मूर्ति स्थापित थी और लोग इसकी नियमित पूजा-अर्चना करते थे।

समय के साथ यह क्षेत्र बदलता गया, लेकिन इस प्रतिमा की आस्था और महत्व कम नहीं हुआ। आज भी यह स्थल स्थानीय लोगों की गहरी धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है और इसे एक पवित्र स्थान माना जाता है।

ग्रामीणों का कहना है कि यह प्रतिमा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह क्षेत्र के इतिहास और पुरानी सभ्यता का भी प्रमाण है। कई लोग इसे क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत के रूप में देखते हैं।

उर्मिल नदी के किनारे स्थित यह स्थल प्राकृतिक सुंदरता से भी घिरा हुआ है, जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं को एक शांत और आध्यात्मिक वातावरण मिलता है। विशेष अवसरों और हनुमान जयंती जैसे पर्वों पर यहां विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं।

स्थानीय लोगों का यह भी मानना है कि इस प्रतिमा में आस्था रखने वालों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं, जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

कुल मिलाकर, सिंहपुर गांव की यह प्राचीन हनुमान प्रतिमा न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान और सांस्कृतिक विरासत का भी महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है।

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