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नई दिल्ली: भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने शनिवार को आईएएनएस से खास बातचीत की। उन्होंने वक्फ संशोधन बिल को लेकर तमाम सवालों पर अपनी राय रखी। इस दौरान उन्होंने एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी द्वारा उठाए गए सवाल पर भी प्रतिक्रिया दी।
ओवैसी ने हाल ही में कहा था कि उत्तर प्रदेश में 1 लाख 21 हजार वक्फ संपत्तियां हैं, जिनमें से 1 लाख 12 हजार के पास दस्तावेज नहीं हैं। इस पर सांसद पाल ने कहा कि तमाम सवालों पर जेपीसी में चर्चा हो रही है। अगर सरकार इस बिल को पास करना चाहती, तो उसके पास लोकसभा और राज्यसभा में पर्याप्त बहुमत है। इस बिल को जेपीसी के पास भेजने का मतलब है कि जेपीसी के सभी 31 सदस्य बिल को गहराई से समझें और अपनी राय प्रस्तुत करें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बिल संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने पेश किया था। इसका उद्देश्य वक्फ संपत्तियों का उचित ढंग से प्रबंधन करना है। सरकार की कोशिश है कि इस बिल के जरिए आम मुसलमानों, खासकर महिलाओं और बच्चों के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार किया जा सके।
वक्फ संशोधन बिल पर मुस्लिम संगठनों के सुझावों का स्वागत करते हुए पाल ने कहा कि वक्फ संशोधन बिल को लेकर सकारात्मक विचार आ रहे हैं, जिन्हें जेपीसी की बैठक में नोट किया जा रहा है और फिर हम अपनी रिपोर्ट उसी आधार पर देंगे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार वक्फ के खिलाफ कोई गलत कदम नहीं उठाएगी।
जगदंबिका पाल ने जाकिर नाइक के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें जाकिर नाइक ने कहा था कि सरकार वक्फ के खिलाफ अगर कुछ करती है तो बहुत गलत होगा। पाल ने नाइक के बयान पर कहा कि जाकिर नाइक जैसे लोगों के गैर जिम्मेदाराना, फालतू और बेहुदा बयानों से बिल पर कोई प्रभाव नहीं पड़ने वाला है। स्पीकर ने हमें बिल को समझने के लिए समय दिया है। हम बिल को अच्छे से समझ कर रिपोर्ट पेश करेंगे।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध और समर्थन दोनों होना स्वाभाविक है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि जब जेपीसी अपनी रिपोर्ट पेश करेगी, तब सरकार उस बिल को पास करेगी। हमें पूरी उम्मीद है कि बिल सर्वसम्मति से पास होगा।
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