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अमेरिका ने जहाजों पर पहले से लदे रूसी तेल की डिलीवरी की समय सीमा 16 मई तक बढ़ाई
jantaserishta.com
18 April 2026 3:05 PM IST

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वॉशिंगटन: होर्मुज संकट के बीच अमेरिका ने हाल ही में रूस से तेल खरीदने को लेकर छूट का ऐलान किया था। ताजा अपडेट में अमेरिका के वित्त विभाग (यूएस ट्रेजरी) ने इस छूट को और बढ़ा दिया है। अमेरिकी वित्त मंत्रालय के आधिकारिक वेबसाइट पर जारी बयान के अनुसार, पहले से जहाजों पर लदे प्रतिबंधित रूसी तेल की डिलीवरी और बिक्री के लिए मिली छूट की नई समयसीमा अब 16 मई तक कर दी गई है।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब कई देश बढ़ती एनर्जी लागत और सप्लाई में रुकावटों के असर से जूझ रहे हैं।
अमेरिका ने पहले 30-दिन की छूट दी थी, जिसकी डेडलाइन 11 अप्रैल को खत्म हो गई थी। शुक्रवार (लोकल टाइम) को रिन्यू किया गया लाइसेंस, ग्लोबल एनर्जी की कीमतों को स्थिर करने के सरकार के बड़े प्रयास का हिस्सा है।
आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, "ऊपर सूचीबद्ध प्राधिकरणों के तहत प्रतिबंधित सभी लेनदेन—जो रूसी मूल के कच्चे तेल या पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री, डिलीवरी या उतारने (ऑफलोडिंग) से संबंधित हैं और जो किसी भी जहाज पर, जिसमें प्रतिबंधित जहाज भी शामिल हैं, 17 अप्रैल 2026 को ईस्टर्न डेलाइट समय (ईडीटी) के मुताबिक12:01 बजे तक लादे गए थे, उन्हें 16 मई 2026 को पूर्वी डेलाइट समय की सुबह 12:01 बजे तक अधिकृत किया जाता है।”
ईस्टर्न डेलाइट समय (ईडीटी) अमेरिका और कनाडा के पूर्वी हिस्सों में गर्मियों के दौरान लागू होता है। ईडीटी समन्वित सार्वभौमिक समय (यूटीसी) से 4 घंटे पीछे और भारतीय समय (आईएसटी) से 9 घंटे 30 मिनट पीछे होता है।
यह सामान्य लाइसेंस ईरान इस्लामिक गणराज्य, उत्तर कोरिया, क्यूबा गणराज्य, यूक्रेन के कवर किए गए क्षेत्र, यूक्रेन के क्रीमिया क्षेत्र या वहां के कानूनों के तहत संगठित या ऐसी किसी संस्था के साथ जो इन व्यक्तियों के स्वामित्व में हो, उनके नियंत्रण में हो, से जुड़े व्यक्ति के साथ या उससे संबंधित कोई भी लेन-देन की अनुमति नहीं देता।
यह कदम अमेरिकी वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट की बातों के तुरंत बाद आया है। बेसेंट ने संकेत दिए थे कि बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच वॉशिंगटन का ऐसी छूट को हमेशा के लिए जारी रखने का कोई इरादा नहीं है।
बेसेंट ने बुधवार को एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, "हम रूसी तेल और ईरानी तेल पर जनरल लाइसेंस रिन्यू नहीं करेंगे। यह वह तेल था जो 11 मार्च से पहले पानी पर था। वह सब इस्तेमाल हो चुका है।"
इस बीच, ईरान के होर्मुज स्ट्रेट को कुछ समय के लिए फिर से खोलने के बाद शुक्रवार को दुनिया भर में तेल की कीमतों में लगभग 9 प्रतिशत की भारी गिरावट आई, जो 90 डॉलर प्रति बैरल के करीब आ गई।
इस बड़े संघर्ष ने पहले ही ऐसी स्थिति पैदा कर दी है जिसे अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने इतिहास में दुनियाभर में एनर्जी सप्लाई में सबसे बुरी रुकावट बताया है।
शनिवार को आठवें हफ्ते में पहुंच चुके इस तनाव पूरे पश्चिम एशिया में 80 से ज्यादा तेल और गैस सुविधाओं को नुकसान पहुंचाया है।
इस बीच, तेहरान ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी नेवी ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी जारी रखती है तो वह होर्मुज स्ट्रेट को फिर से बंद कर सकता है।
छूट बढ़ाने पर कमेंट करते हुए, रूसी राष्ट्रपति के दूत किरिल दिमित्रीव ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "अमेरिका-रूसी आर्थिक और ऊर्जा सहयोग जारी रहेगा।"
उन्होंने पहले कहा था कि रूसी तेल पर शुरुआती छूट से 100 मिलियन बैरल तक कच्चा तेल मिल सकता है, जो लगभग एक दिन के ग्लोबल तेल उत्पादन के बराबर है।
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