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पीएचडीसीसीआई ने लॉन्च किया 'एसएमई मार्केट सेंटिमेंट इंडेक्स', छोटे व्यवसायों को आगे बढ़ने में मिलेगी मदद
jantaserishta.com
21 May 2025 8:43 AM IST

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नई दिल्ली: इंडस्ट्री बॉडी पीएचडीसीसीआई की ओर से मंगलवार को 'एसएमई मार्केट सेंटिमेंट इंडेक्स' लॉन्च किया गया है। इसके जरिए उद्योग निकाय की कोशिश सरकार की पहलों का छोटे उद्योगों पर असर बताना और इंडस्ट्री की वर्तमान स्थिति का पता लगाना है।
पीएचडीसीसीआई के महासचिव और सीईओ, डॉ रणजीत मेहता ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, "स्मॉल मीडियम एंटरप्राइज (एसएमई) देश के लिए काफी जरूरी है। इसके लिए 'एसएमई मार्केट सेंटिमेंट इंडेक्स' को लॉन्च किया गया है। इसमें 5 करोड़ रुपए से लेकर 500 करोड़ रुपए के टर्नओवर वाली एसएमई को शामिल किया गया है।"
उन्होंने आगे कहा कि एसएमई के सामने तीन बड़ी मुख्य समस्याएं होती हैं, जिसमें पहला - सस्ता फाइनेंस, दूसरा- नई टेक्नोलॉजी का इंटीग्रेशन और तीसरा-प्रोडक्ट्स की मार्केटिंग।
मेहता ने बताया, "इस इंडेक्स की बेस वैल्यू 50 है। हमारा एसएमई मार्केट सेंटिमेंट इंडेक्स इस समय 50 से ऊपर आया है, जो इस बात का संकेत देता है कि सरकार की पहलों का एसएमई को लाभ मिल रहा है वे सस्ता फाइनेंस और मार्केटिंग आदि आसानी से कर पा रही हैं।"
पीएचडीसीसीआई द्वारा जारी 'एसएमई मार्केट सेंटिमेंट इंडेक्स' के अनुसार, भारत के एसएमई मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में वित्त वर्ष 25 की चौथी तिमाही के दौरान व्यापार गतिविधियों में मजबूती देखी गई है और अगले तिमाही में भी मजबूत विकास की उम्मीद जताई गई है। यह निष्कर्ष 3,000 एसएमई इकाइयों पर आधारित एक सर्वेक्षण से सामने आया है।
मेहता की ओर से जानकारी दी गई कि यह इंडेक्स पीएचडीसीसीआई की ओर से हर तिमाही में जारी किया जाएगा।
एसएमई बिजनेस एक्टिविटी इंडेक्स (एसएमई-बीएआई) 57.7 अंक पर रहा, जो मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों में विस्तार दर्शाता है। न्यू ऑर्डर इंडेक्स 71.7 और प्रोडक्शन इंडेक्स 66.7 अंक पर रहा, जिससे मांग में मजबूती और उत्पादन वृद्धि का संकेत मिलता है। वहीं, एम्प्लॉयमेंट इंडेक्स 55.0 और इन्वेंट्री इंडेक्स 60.0 पर रहा।
वहीं, एसएमई बिजनेस आउटलुक इंडेक्स (एसएमई-बीओआई) 60.3 अंक पर रहा, जिससे आगामी तिमाही में आर्थिक विश्वास और निवेश की सकारात्मक दृष्टिकोण का संकेत मिलता है।
आईएएनएस से बातचीत करते हुए मेहता ने कहा कि उद्यम पोर्टल पर 5 करोड़ से ज्यादा एसएमई पंजीकृत हैं। इसमें से 2 करोड़ से ज्यादा एसएमई मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े हुए हैं। इसमें से जितने अधिक संगठित क्षेत्र में आएंगे, अर्थव्यवस्था को उतना ही अधिक फायदा होगा।
'एसएमई मार्केट सेंटिमेंट इंडेक्स' पर बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि इस इंडेक्स के जरिए आसानी से पता लगाया जा सकेगा कि सरकारी पहलों का उद्योग पर क्या असर हो रहा है और कैसे इसके असर को बढ़ाया जा सकता है।
सर्वेक्षण में 67 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने व्यापार सुधार की उम्मीद जताई, 47 प्रतिशत ने भर्ती बढ़ाने और 53 प्रतिशत ने पूंजीगत व्यय बढ़ाने की योजना बनाई है।
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