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नज़राने में मिले रकम में कुछ अपना मिलाकर मस्जिद तामीर में दे देते हैं ईमाम हाफिज हाजी गुलाम मुईनुद्दीन साब

Nil dhankar
19 April 2023 9:23 AM IST
नज़राने में मिले रकम में कुछ अपना मिलाकर मस्जिद तामीर में दे देते हैं ईमाम हाफिज हाजी गुलाम मुईनुद्दीन साब
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जबलपुर। मस्जिद अलफ बेग़ कमेटी की तरफ से इमाम साहब को एक लाख इकसट हजार रूपया का नज़राना दिया गया. जबलपुर शहर में अनोखी मिशाल है हाफ़िज़ व हाजी गुलाम मुइनद्दीन साहब करीब विगत 10 से 12 वर्ष से मस्जिद अलफ बेग़ मनसूराबाद में आप के द्वारा इमामत के फराईज़ को अंजाम दे रहे हैं वहीं आप हर साल रमजान शरीफ में महराब (तराबी) भी सुनाते है सबसे ख़ास बात तो यह है की मस्जिद कमेटी की तरफ से हर साल करीब 1 लाख 50000 से आधिक का नज़राने के रूप में दिया जाता है पर आप के द्वारा और अपने पास से कुछ रकम मिला कर हर साल हाफ़िज़ साहब की तरफ से यह रकम मस्जिद की तमीरी काम में दे दिया जाता है.

और हाफ़िज़ साहब एक रूपया भी नहीं लेते है यहां तक के कमेटी के द्वारा दिया गया कपड़ा और दस्तार किया गया साफा भी मस्जिद कमेटी के मेम्बरों को दस्तार के रूप में दे देते है हाजी हाफ़िज़ गुलाम मुइनूद्दीन साहब

आज की अहम रात लेलतुल कद्र की रात हाफ़िज़ साहब ने आवाम को ख़िताब करते हुए कहा की लोगों को सिर्फ़ इस माह में ही इबादत नही करना चाहिए बल्कि अपने मालिक को राजी करने लिए हर रोज़ इबादत करना चाहिए रमजान एक ट्रेनिंग का रास्ता है लिहाज़ा सब को खुद के साथ सिर्फ़ अपने घर की जीम्मेदारी से दीन के लिए आगे आना चाहिए और अपने बच्चों को इल्म की तरफ आगे लाना चाहिए उन्होंने बच्चों को एज़ूकेशन के लिए भी बहुत अक्सरियत के साथ आगे आने के लिए लोगों को तम्मी किया हाफ़िज़ साहब ने शादी में फुजूल खर्ची से भी परहेज़ करने को मज़बूती से कहा आप के वालिद मरहूम सरदार साबिर माहतो थे वह मंसूरी समाज़ के मुखिया थे उन्होंने भी हमेशा गरीबों की मदद के लिए आगे रहे आज भी उनका पूरा परिवार हर वर्ग के लोगों की मदद के लिए खड़ा रहता है.

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