अन्य

अहम समुद्री मार्ग लोम्बोक स्ट्रेट में मिला चीनी अंडरसी मॉनिटरिंग डिवाइस: रिपोर्ट

jantaserishta.com
20 April 2026 8:25 AM IST
अहम समुद्री मार्ग लोम्बोक स्ट्रेट में मिला चीनी अंडरसी मॉनिटरिंग डिवाइस: रिपोर्ट
x
जकार्ता: पिछले हफ्ते मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंडोनेशिया के लोम्बोक और बाली के बीच मौजूद एक अहम समुद्री रास्ते में एक चीनी अंडरसी मॉनिटरिंग सिस्टम (पानी के नीचे काम करने वाला) मिला है।
ऑस्ट्रेलिया की एबीसी न्यूज के अनुसार, यह 3.7 मीटर लंबा डिवाइस लोम्बोक स्ट्रेट में गिली ट्रावंगन द्वीप के उत्तर में मछुआरों को मिला। बाद में इंडोनेशियाई नौसेना इसे जांच के लिए लोम्बोक के मातरम नेवल बेस ले गई।
इंडोनेशियाई नौसेना के प्रवक्ता रियर एडमिरल तुंग्गुल ने कहा कि इस डिवाइस की पूरी जांच की जाएगी, ताकि पता लगाया जा सके कि यह क्या है, इसका मकसद क्या है, इसमें क्या डेटा है और यह कहां से आया।
डिफेंस एनालिस्ट एचआई सटन के मुताबिक, यह डिवाइस “डीप-सी रियल-टाइम ट्रांसमिशन मूरिंग सिस्टम” है, जिसे चीन के 710 रिसर्च इंस्टीट्यूट ने बनाया है।
सटन ने बताया कि यह इंस्टीट्यूट पानी के अंदर हमले और बचाव से जुड़ी तकनीकों पर काम करता है।
उन्होंने यह भी कहा कि यह डिवाइस समुद्र की धारा, गहराई, तापमान और “आवाज और टारगेट से जुड़ी जानकारी” जैसी चीजों की निगरानी करता है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि 710 रिसर्च इंस्टीट्यूट पहले चीन की सरकारी कंपनी चाइना शिपबिल्डिंग इंडस्ट्री कॉरपोरेशन (सीएसआईसी) का हिस्सा था, जो अब चाइना स्टेट शिपबिल्डिंग कॉरपोरेशन (सीएसएससी) में शामिल हो चुका है।
इस डिवाइस पर सीएसआईसी के अक्षर और कंपनी का लोगो भी बना हुआ है।
यह सिस्टम इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह समुद्र की सतह पर मौजूद एक कम्युनिकेशन बुआ (तैरता उपकरण) के जरिए डेटा भेज सकता है, जबकि खुद डिवाइस समुद्र की गहराई में एक एंकर से जुड़ा रहता है।
सटन ने कहा कि इसका इस्तेमाल सैन्य कामों में भी हो सकता है, इसलिए इंडोनेशियाई अधिकारियों के लिए यह चिंता की बात हो सकती है कि ऐसा चीनी सेंसर बुआ इस इलाके में मिला है।
चीन के विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि उनके पास इस मामले की खास जानकारी नहीं है, लेकिन चीन हमेशा अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार समुद्री रिसर्च करता है और ऐसे उपकरण इस्तेमाल करता है।
प्रवक्ता ने एबीसी से कहा, “अंतरराष्ट्रीय तौर पर यह आम बात है कि तकनीकी खराबी या अन्य वजहों से ऐसे रिसर्च उपकरण दूसरे देशों के समुद्री क्षेत्र में पहुंच जाते हैं। इसमें ज्यादा शक या गलत मतलब निकालने की जरूरत नहीं है।”
सिंगापुर के एक समुद्री सुरक्षा विशेषज्ञ कॉलिन कोह ने कहा कि इस सिस्टम में लगे सेंसर और डेटा भेजने की क्षमता इसे “अंडरसी वॉरफेयर” यानी पानी के नीचे सैन्य इस्तेमाल के लायक बनाती है।
उन्होंने यह भी बताया कि इसके जरिए पनडुब्बियों का पता लगाया जा सकता है, लेकिन उस सिग्नल को प्रोसेस करने के लिए किनारे पर मौजूद स्टेशन तक भेजना पड़ता है।
ऑस्ट्रेलियन स्ट्रैटेजिक पॉलिसी इंस्टीट्यूट (एएसपीआई) के मुताबिक, इस डिवाइस का मिलना चिंता की बात है और यह दिखाता है कि भविष्य में सैन्य गतिविधियों को ध्यान में रखकर चीन कुछ आक्रामक कदम उठा रहा हो सकता है।
jantaserishta.com

jantaserishta.com

भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।

    Next Story