न्यूज

स्पेस में क्यों बदल जाता है पानी का व्यवहार? आसान भाषा में समझें विज्ञान

jantaserishta.com
6 Jun 2026 10:46 AM IST
स्पेस में क्यों बदल जाता है पानी का व्यवहार? आसान भाषा में समझें विज्ञान
x
नई दिल्ली: स्पेस की दुनिया रोमांच के साथ रहस्यों से भी भरी होती है। पृथ्वी पर सामान्य दिखने वाली हर चीज वहां पर मुश्किल भरी होती है। ऐसे में स्पेस में पानी का व्यवहार क्यों बदल जाता है, इसके पीछे के विज्ञान, वैज्ञानिक प्रयोगों और माइक्रोग्रैविटी के प्रभाव को एस्ट्रोनॉट और एयरफोर्स के ऑफिसर शुभांशु शुक्ला ने आसान तरीके से समझाया है।
उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष में रहकर विज्ञान से जुड़े प्रयोग करना उनके लिए सबसे दिलचस्प अनुभवों में से एक रहा है। वहां ऐसी कई सामान्य चीजें भी अलग तरह से व्यवहार करती हैं, जिन्हें हम पृथ्वी पर रोज देखते हैं।
शुभांशु शुक्ला ने कहा कि पृथ्वी और अंतरिक्ष के बीच सबसे बड़ा अंतर गुरुत्वाकर्षण यानी ग्रैविटी का होता है। पृथ्वी पर तरल पदार्थ हमेशा नीचे की ओर रहते हैं, लेकिन अंतरिक्ष में माइक्रोग्रैविटी के कारण उनका व्यवहार पूरी तरह बदल जाता है। यही कारण है कि वैज्ञानिक अंतरिक्ष में तरल पदार्थों पर विशेष अध्ययन करते हैं।
उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि पृथ्वी पर किसी फ्यूल टैंक में ईंधन नीचे की तरफ जमा रहता है, लेकिन अंतरिक्ष में ऐसा नहीं होता। वहां फ्यूल अपनी जगह पर स्थिर नहीं रहता और थोड़े से धक्के या गति के प्रभाव से टैंक के किसी भी हिस्से में पहुंच सकता है। ऐसे में जब अंतरिक्ष यान के इंजन को दोबारा शुरू करना होता है, तब ईंधन का सही स्थान पर होना बेहद जरूरी होता है। इसी वजह से अंतरिक्ष यानों के फ्यूल टैंक डिजाइन करना एक बड़ी चुनौती माना जाता है।
शुभांशु ने एक वीडियो के माध्यम से पानी के व्यवहार का प्रदर्शन भी किया। उन्होंने बताया कि माइक्रोग्रैविटी में पानी नीचे गिरने के बजाय हवा में तैरते हुए एक गोलाकार बुलबुले का रूप ले लेता है। पृथ्वी पर गुरुत्वाकर्षण पानी को नीचे खींचता है, लेकिन अंतरिक्ष में यह प्रभाव लगभग नहीं होता, इसलिए पानी एक स्थिर गोले की तरह दिखाई देता है।
प्रयोग के दौरान उन्होंने पानी के इस बुलबुले को धीरे-धीरे घुमाकर दिखाया और बताया कि वैज्ञानिक यह जानने की कोशिश करते हैं कि घूमने वाली ताकतों का तरल पदार्थों पर क्या प्रभाव पड़ता है। इस तरह के अध्ययन से अंतरिक्ष में फ्लूइड डायनामिक्स को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलती है।
उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष में तरल पदार्थों के व्यवहार को समझना भविष्य के लंबे अंतरिक्ष अभियानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इससे फ्यूल स्टोरेज, फ्लूइड मैनेजमेंट और अन्य जरूरी सिस्टम को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाया जा सकता है।
jantaserishta.com

jantaserishta.com

भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।

    Next Story