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COVID-19

कोरोना वायरस होने के बाद कैसी दिखती हैं मानव कोशिकाएं?...देखें तस्वीरें

Janta se Rishta
14 Sep 2020 7:33 AM GMT
कोरोना वायरस होने के बाद कैसी दिखती हैं मानव कोशिकाएं?...देखें तस्वीरें
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कोरोना वायरस का कहर जारी है. दुनिया भर के वैज्ञानिक इससे निपटने के लिए वैक्सीन बनाने में जुटे हैं. इसी बीच कोरोना से संक्रमित होने पर कोशिकाएं कैसी दिखती हैं, इसकी तस्वीरें शोधकर्ताओंने जारी की हैं. इन तस्वीरों से पता चलता है कि फेफड़ों के अंदर कोशिका पर कितने वायरस पार्टिकल बन रहे हैं.

दरअसल, अमेरिकी शोधकर्ताओं द्वारा न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में ये तस्वीरें प्रकाशित हुई हैं. इन्हें यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ केरोलीना में सहायक प्रोफेसर कैमिल अहर ने कई अन्य प्रयोगशालाओं के सहयोग से विकसित किया है.

तस्वीरें ये दर्शाने के लिए ली गई हैं कि कोरोना वायरस संक्रमण कितना गंभीर हो सकता है. इनसे संक्रमण की गंभीरता को आसानी से समझा जा सकता है. ये लैब में तैयार की गईं श्वसन तंत्र की कोशिकाओं पर कोरोना संक्रमण की स्थिति बताती हैं.

ये हाई पावर माइक्रोस्कोपिक तस्वीरें मानव श्वसन तंत्र की सतह पर बड़ी संख्या में वायरस पार्टिकल को दर्शाती हैं, जो अन्य ऊतकों (टिश्यू) को संक्रमित करने और अन्य लोगों तक संक्रमण फैलाने के लिए लिए तैयार हैं.

वैज्ञानिकों ने उपन्यास कोरोना वायरस के चित्र प्रयोगशाला में विकसित श्वसन पथ की कोशिकाओं को संक्रमित करते हुए निकाले हैं, जो कि फेफड़ों के अंदर प्रति कोशिका उत्पन्न होने वाले वायरस कणों की संख्या का वर्णन करते हैं.

रिसर्चर कैमिल के मुताबिक, इंसान की ब्रॉन्कियल एपिथीलियल कोशिकाओं में कोरोना को इंजेक्ट करने के बाद 96 घंटे तक नजर रखी गई. इसे इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप से देखा गया. इमेज में रंगों को शामिल करके वायरस की तस्वीर दिखाने की कोशिश की गई है.

इन तस्वीरों में संक्रमित कोशिकाओं को अलग-अलग रंगों में दर्शाया गया है. इसमें सिलिया कोशिकाएं बाल जैसी संरचनाएं हैं, जो फेफड़ों से बलगम (और फंसे हुए वायरस) का परिवहन करती हैं.

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शोधकर्ताओं का कहना है कि जब कोरोना वायरस के संक्रमित शक्ल को छोड़ा गया तो तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाती है. उन्होंने तस्वीर हासिल करने के लिए इंसान के लंग की कोशिकाओं में उसे छोड़ा. उसके बाद उन्होंने 96 घंटे तक कोशिकाओं का अध्ययन किया. इसके लिए उन्होंने उच्च क्षमता वाली स्कैनिंग इलेक्ट्रोन माइक्रोस्कोप तकनीक की मदद ली. न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसीन में प्रकाशित इन तस्वीरों को रंगीन बनाकर पेश किया गया है. उच्च क्षमता से बढ़ाई गई तस्वीर में कोविड-19 के घनत्व और ढांचे का पता चलता है. तस्वीर बताती है कि मानव श्वसन तंत्र के अंदर प्रति कोशिका वाइरन की तादाद कैसे पैदा होती है और छोड़ी जाती है.

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