न्यूज

ट्रंप ने कहा 'ईरान संग समझौता ओबामा के जेसीपीओए से बेहतर', आखिर क्या थी वो डील?

jantaserishta.com
14 Jun 2026 5:10 PM IST
ट्रंप ने कहा ईरान संग समझौता ओबामा के जेसीपीओए से बेहतर, आखिर क्या थी वो डील?
x
नई दिल्ली: अमेरिका के वर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में हुए जेसीपीओए समझौते से बेहतर डील करने का ऐलान किया। 2015 में ईरान और छह विश्व शक्तियों के बीच एक ऐतिहासिक परमाणु समझौता हुआ था, जिसे ज्वाइंट कंप्रेहेंसिव प्लान ऑफ एक्शन (जेसीपीओए), यानी 'संयुक्त व्यापक कार्ययोजना' (आसान भाषा में ईरान परमाणु समझौता) कहा जाता है। इसका उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करना और बदले में उस पर लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों में राहत देना था।
यह समझौता ईरान और छह देशों यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, जर्मनी, रूस और चीन के बीच हुआ था। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर शनिवार को दावा किया कि उस समय हुआ समझौता काफी आसान सा था। उसके नियम सख्त नहीं थे। उनके अनुसार ओबामा प्रशासन द्वारा ईरान के साथ हुए परमाणु समझौते अमेरिका के लिए नुकसानदायक और 'खराब डील' रहे। इस समझौते से ईरान को अरबों डॉलर (जिनमें 1.7 अरब नकद शामिल थे) की आर्थिक राहत मिली, जिसका इस्तेमाल उसने अपना परमाणु कार्यक्रम और आक्रामक नीतियां आगे बढ़ाने के लिए किया।
2015 में हुए उस समझौते के तहत ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम पर कई महत्वपूर्ण प्रतिबंध स्वीकार किए थे। उसे अपने संवर्धित यूरेनियम के भंडार को 300 किलोग्राम से कम तक सीमित करना था और यूरेनियम संवर्धन का स्तर 3.67 प्रतिशत तक रखना था। यह स्तर परमाणु हथियार बनाने के लिए आवश्यक लगभग 90 प्रतिशत संवर्धन से काफी कम है, लेकिन बिजली उत्पादन जैसे शांतिपूर्ण नागरिक उद्देश्यों के लिए पर्याप्त माना जाता है।
इसके अलावा, ईरान ने यूरेनियम संवर्धन करने वाली सेंट्रीफ्यूज मशीनों की संख्या लगभग 20,000 से घटाकर 6,104 करने पर सहमति दी। समझौते के तहत ईरान के अराक हेवी वॉटर रिएक्टर को भी पुनः डिजाइन किया गया ताकि वहां से प्लूटोनियम उत्पादन न हो सके, जिसे परमाणु हथियारों में इस्तेमाल किया जा सकता है।
जेसीपीओए की एक और महत्वपूर्ण विशेषता यह थी कि इसने इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (आईएईए) को ईरान के परमाणु ठिकानों की व्यापक और सख्त निगरानी का अधिकार दिया। इसे दुनिया की सबसे कठोर परमाणु निरीक्षण व्यवस्थाओं में से एक माना गया।
हालांकि, 2018 में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका को इस समझौते से बाहर निकाल लिया और ईरान पर फिर से कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए। अब ट्रंप का कहना है कि ईरान के साथ प्रस्तावित नया समझौता जेसीपीओए से बेहतर होगा, हालांकि दोनों समझौतों में क्या अंतर होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
jantaserishta.com

jantaserishta.com

भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।

    Next Story