
विजयवाड़ा: हाई कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को एक PIL पर नोटिस जारी किया है। इस PIL में दुकानों पर चेतावनी बोर्ड लगाने का निर्देश देने की मांग की गई है, जिसमें लिखा हो कि बच्चों को शराब और तंबाकू उत्पाद बेचना एक दंडनीय अपराध है।
चीफ जस्टिस लिसा गिल और जस्टिस चल्ला गुना रंजन की डिवीजन बेंच ने सोमवार को ये आदेश दिए और मामले की अगली सुनवाई के लिए तारीख तय कर दी।
यह PIL 'हेल्प द पीपल चैरिटेबल ट्रस्ट' के चेयरमैन और मैनेजिंग ट्रस्टी कीथिनेनी अखिल श्री गुरुतेजा ने दायर की थी। याचिकाकर्ता ने ऐसे बोर्ड लगाने का निर्देश देने की मांग की जो जनता को बताएं कि बच्चों को शराब और तंबाकू उत्पाद देना या बेचना 'जुवेनाइल जस्टिस मॉडल रूल्स, 2016' के तहत अपराध है।
याचिकाकर्ता ने यह भी मांग की कि बोर्ड पर नियमों के उल्लंघन के लिए सात साल तक की कठोर कैद और 1 लाख रुपये के जुर्माने का साफ-साफ उल्लेख हो।
वकील थांडवा योगेश ने बताया कि 'सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम, 2003' शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाता है। उन्होंने कहा कि 2025-26 के दौरान नियमों के उल्लंघन के लिए 35,449 मामले दर्ज किए गए थे।





