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सुशांत सिंह राजपूत केस: सीबीआई की पूछताछ में अहम खुलासे...पढ़े घटना वाले दिन की पूरी कहानी...

Janta se Rishta
30 Aug 2020 2:57 AM GMT
सुशांत सिंह राजपूत केस: सीबीआई की पूछताछ में अहम खुलासे...पढ़े घटना वाले दिन की पूरी कहानी...
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मौत से कुछ घंटे पहले सुशांत सिंह राजपूत ने खाना छोड़ दिया था, बस जूस ही लिया और ज्यादा वक्त अपने कमरे में ही बिताया. सूत्रों के मुताबिक ये सब चश्मदीदों ने सीबीआई को अपने शुरुआती बयानों में बताया.

14 जून को एक्टर के पॉश बांद्रा स्थित घर पर क्या हुआ, इस पर पूछताछ के लिए एजेंसी ने सुशांत के फ्लैटमेट सिद्धार्थ पिठानी और एक्टर के स्टाफ में शामिल रहे नीरज, केशव और दीपेश सावंत को समन किया. क्रिएटिव डिजाइनर सिद्धार्थ की एक्टर के दोस्त के नाते फ्लैट में साथ ही रिहाइश थी. चारों को केस में अहम गवाह की तरह लिया जा रहा है. एक्टर के निजी हेल्पर नीरज से आठ दिन, सिद्धार्थ से सात दिन, हाउसकीपर दीपेश से पांच दिन और कुक केशव से चार दिन से अधिक समय से पूछताछ हो रही है.

सीबीआई को शक है कि अगर सुशांत की हत्या हुई तो इन चार लोगों को इसकी जानकारी होगी और अगर इसे सुसाइड दिखाने की कोशिश की गई है तो इनमें से कम से कम एक शख्स जरूर साजिश में शामिल रहा होगा और अगर ये खुदकुशी थी तो वे इसके कारण से अवगत हो सकते हैं. ये चारों 13-14 जून को वहां मौजूद थे जब सुशांत को मृत पाया गया. आज तक/इंडिया टुडे के पास एक्सक्लूसिव जानकारी है कि सीबीआई को सुशांत की मौत से पहले के कुछ घंटों के बारे में क्या बताया गया.

ठंडा पानी मांगा

14 जून की सुबह, नीरज सुशांत के कुत्ते को घूमाने के लिए गया और 8 बजे लौटा. एक्टर ने अपने कमरे से निकल कर ठंडा पानी मांगा. जिसे नीरज ने दिया. सुशांत ने स्माइल के साथ कहा- क्या सब ठीक है? साथ ही पूछा कि क्या हॉल साफ हो गया? नीरज ने हां में जवाब दिया. इसके बाद सुशांत वापस कमरे में चले गए. नीरज के मुताबिक सुशांत का स्वभाव अच्छा था और परेशान होने के बावजूद अपना गुस्सा जाहिर नहीं होने देते थे.

सूत्रों के मुताबिक दीपेश ने जांचकर्ताओं को बताया कि 13 जून की रात को, सुशांत ने रात को खाना खाने से मना किया और सिर्फ एक मैंगो शेक के लिए कहा. दीपेश रात करीब 10.30 बजे सोने चला गया और 14 जून को सुबह करीब 5.30 बजे उठा. लगभग 6.30 बजे, वह सुशांत के कमरे में गया और डोर पर नॉक किया, जो खुला हुआ था.

दीपेश ने देखा कि सुशांत पहले से ही उठकर अपने बेड पर बैठे थे. दीपेश ने "गुड मॉर्निंग सर" कहा, जिसका एक्टर ने जवाब दिया. दीपेश ने पूछा कि क्या वो चाय और ब्रेकफास्ट लाए, लेकिन सुशांत ने मना कर दिया. दीपेश ने सीबीआई को बताया कि उसने कुछ भी असामान्य या अलग सा नहीं देखा. सुशांत अपने कमरे में अकेले थे, पंखा चल रहा था और खिड़कियों के कुछ पर्दे खुले थे. सुशांत के स्टाफ में दीपेश दिन में सबसे पहले जागने वाला शख्स है. नीरज और केशव दोनों सुबह 7 बजे के आसपास उठते हैं.

लंच का पूछा गया

नीरज ने बताया कि सुबह 9.30 बजे केशव जूस, नारियल पानी और केले लेकर सुशांत के रूम में गया. सुबह 10.30 बजे केशव सीढ़ियों से ऊपर सुशांत के कमरे में गया. केशव ये पूछने गया था कि एक्टर को किसी और चीज की जरूरत तो नहीं और साथ ही ये भी लंच में क्या बनाया जाए. लेकिन सुशांत ने कोई जवाब नहीं दिया. कमरा अंदर से बंद था.

एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक, केशव का सीबीआई को दिया बयान भी नीरज से मिलता है. केशव ने एजेंसी के जांचकर्ताओं को बताया,“मैंने सुबह 9-9.15 बजे सुशांत सर को अनार का जूस और नारियल पानी दिया. करीब 10-10.30 बजे मैं फिर से उनके कमरे में गया और पूछा कि लंच के लिए क्या बनाना है? उनका डोर बंद था जो असामान्य था. बाद में, मैंने सिद्धार्थ सर को सूचित किया कि सुशांत सर डोर नहीं खोल रहे हैं. सिद्धार्थ सर ने डोर खटखटाया और कहा कि यह अंदर से बंद है. सुशांत सर तभी डोर बंद करते थे जब रिया मैडम उनके साथ रहती थीं. लगभग 15 मिनट बाद, सिद्धार्थ सर ने फिर से डोर खटखटाया, लेकिन कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला.”

सूत्रों के मुताबिक, नीरज ने भी सीबीआई को बताया कि सुशांत के लिए रूम में अकेला होने पर अंदर से डोर को बंद रखना असामान्य था. वो तभी ऐसा करते थे जब उनकी गर्लफ्रैंड रिया चक्रवती साथ होती थीं. केशव, दीपेश और सिद्धार्थ फिर सीढ़ियों से ऊपर गए और सुशांत के डोर पर नॉक करना शुरू किया. काफी देर तक खटखटाने पर भी अंदर से कोई रिस्पॉन्स नहीं हुआ. इसके बाद दीपेश फिर नीचे गया और उसने नीरज को इस बारे में बताया. नीरज भी फिर ऊपर आ गया. सिद्धार्थ ने एक्टर से फोन पर भी कॉन्टेक्ट करने की कई बार कोशिश की लेकिन जवाब नहीं मिला.

चाबी बनाने वाले को बुलाया

नीरज ने सीबीआई को बताया कि उन्होंने फिर रूम की एक्स्ट्रा चाबी ढूंढना शुरू की. लेकिन वो नहीं मिली. सुशांत की बहन मीतू सिंह, जो कुछ दिनों के लिए एक्टर के साथ रह रही थीं, लेकिन वो उस वक्त घर से बाहर थीं. मीतू को सुशांत के रूम का डोर नहीं खुलने की बात बताई तो उन्होंने किसी तरह डोर खोलने के लिए कहा. साथ ही कहा कि वो जल्दी ही पहुंच रही हैं. सूत्रों के मुताबिक सिद्धार्थ ने इसके बाद चाबी बनाने वाले को बुलाया.

दोपहर करीब 1.30 बजे चाबी बनाने वाला आया. उसने डोर खोलने के लिए नई चाबी बनाने की कोशिश की, लेकिन इसमें ज्यादा वक्त लग रहा था तो सिद्धार्थ ने उसे ताला तोड़ने के लिए कहा. दस मिनट ऐसा किए जाने में लगे. सिद्धार्थ ने सीबीआई को बताया, “मैंने दो बार डोर खटखटाने के बाद, सुशांत को फोन पर कॉन्टेक्ट करने की कोशिश की और जब कोई जवाब नहीं मिला, तो मैंने मीतू सिंह को फोन किया और इस बारे में बताया. मैं डोर खटखटाता रहा और तीनों स्टाफ मेरे आसपास थे. हम सभी ने कमरे की एक्स्ट्रा चाबी की तलाश की लेकिन किसी को वो नहीं मिली.”

सूत्रों के मुताबिक सिद्धार्थ ने एजेंसी को बताया, “मैंने सैमुअल मिरांडा (सुशांत के मैनेजर) से भी फोन पर बात की और पूछा कि क्या उनके पास चाबी है. लेकिन सैमुअल ने मना किया. मैंने फिर से मीतू को फोन किया और यह तय किया गया कि चाबी बनाने वाले को बुलाया जाए. मैंने चाबी बनाने वाले का नंबर जानने के लिए बिल्डिंग सिक्योरिटी गार्ड राजू से बात की. मैंने गूगल किया और एक नंबर पाया. मैंने उसे फोन किया और उसने 2,000 रुपये मांगे. उसने आकर ताला तोड़ा. मैंने पेमेंट किया और वो तभी वहां से चला गया. मैंने उसे यह नहीं बताया कि यह एक्टर सुशांत का घर है.”

सुशांत के रूम में सबसे पहले जाने वाला शख्स सिद्धार्थ था. नीरज के मुताबिक वह कुछ देर बाद अंदर गया और सुशांत को गले में हरे रंग के कुर्ते के साथ छत के पंखे से लटका पाया. कुर्ता सुशांत का था.नीरज ने सीबीआई को बताया कि वो ये देख कर डर गया और रूम से बाहर आ गया.

मीतू को दी घटना की जानकारी

सिद्धार्थ ने मीतू को फोन किया और उन्हें घटना के बारे में बताया. फिर उसने नीरज को कपड़ा काटने के लिए चाकू लाने को कहा. नीरज ने ऐसा किया और सिद्धार्थ ने कुर्ता काटा. सुशांत का शव नीचे लाया गया. मीतू उसी वक्त कमरे में आईं और सदमे की वजह से चिल्लाईं. सिद्धार्थ ने सुशांत की छाती को पंप करने की कोशिश की लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ. सिद्धार्थ ने फिर पुलिस को जानकारी दी, जो कुछ देर में ही वहां पहुंच गई.

सूत्रों के मुताबिक सिद्धार्थ ने जांचकर्ताओं को बताया, “मैंने और दीपेश ने रूम में प्रवेश किया. लाइट बंद थीं और पर्दे ढके हुए थे. मैंने लाइट स्विच ऑन किया और सुशांत को पंखे से लटका हुआ देखकर चौंक गया. मैंने मीतू को फोन किया और बताया. नीरज और केशव तब कमरे के बाहर थे.”

सूत्रों के अनुसार सिद्धार्थ ने कहा, “मैंने एम्बुलेंस के लिए 108 को फोन किया और डॉक्टर के लिए कहा. मैंने उन्हें बताया कि मरीज का नाम सुशांत सिंह राजपूत है. मुझे मीतू का फोन आया और उन्होंने अपने पति से बात कराई, जिन्होंने मुझसे कहा कि मैं बॉडी को नीचे ले जाऊं और यह देखूं कि सुशांत की नब्ज चल रही है या नहीं. मैंने चाकू मांगा और उस कपड़े को काट दिया, जिससे सुशांत लटका हुआ था. मीतू ने कमरे में तभी प्रवेश किया और कहा, “गुलशन, तूने ये क्या किया, बाबू?” ’मैंने सुशांत की सांस लाने की कोशिश की लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई. बाद में पुलिस और एम्बुलेंस पहुंची.”

रिया से पूछताछ

इस बीच, सीबीआई लगातार दूसरे दिन भी रिया से पूछताछ कर रही है. सूत्रों ने बताया कि शुक्रवार, 28 अगस्त को रिया से 10 घंटे पूछताछ की गई. सूत्रों के मुताबिक एजेंसी सुशांत के मानसिक स्वास्थ्य, फाइनेंस, और ड्रग्स लेने के आरोपों पर रिया से पूछताछ कर रही है. शनिवार को सीबीआई ने रिया को सिक्योरिटी एस्कॉर्ट उपलब्ध कराने के लिए मुंबई पुलिस को भी लिखा. CBI ने मुंबई पुलिस को लिखे अपने पत्र में कहा कि पूछताछ के लिए DRDO के गेस्ट हाउस में आने के दौरान रिया को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

मीडिया के लगातार रिया का पीछा करने की वजह से सिक्योरिटी जरूरी समझी गई. अब रिया के अपने सांताक्रूज स्थित घर से सीबीआई दफ्तर आने जाने के दौरान मुंबई पुलिस साथ रहेगी. शुक्रवार रात, पूछताछ खत्म होने के बाद, रिया और उसका भाई शोविक सांताक्रूज पुलिस स्टेशन गए क्योंकि मीडिया उनका पीछा कर रहा था. एक दिन पहले, रिया के पिता इंद्रजीत चक्रवर्ती भी इसी के लिए सांताक्रूज पुलिस स्टेशन गए थे.

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