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मुंबई: पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव, जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर, महाराष्ट्र की राजनीति और सोशल मीडिया की राजनीति को लेकर तीखे बयान दिए। उन्होंने कहा कि बांकीपुर उपचुनाव अब आम जनता के मुद्दों से हटकर पैसे की ताकत और सोशल मीडिया का खेल बन गया है।
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने प्रशांत किशोर के बांकीपुर उपचुनाव लड़ने का विरोध किया। उन्होंने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए आरोप लगाया कि बड़े-बड़े टेंट लगाकर लंबे भाषण देने और धनबल के सहारे राजनीति करने से जनता का भरोसा नहीं जीता जा सकता।
उन्होंने दावा किया कि प्रशांत किशोर ने धोखाधड़ी करके करोड़ों-अरबों रुपए कमाए हैं और उन्हें बिहार का दूसरा नटवरलाल बताया। साथ ही कहा कि ऐसे लोगों की राजनीति में कोई जगह नहीं होनी चाहिए। बांकीपुर उपचुनाव के मुकाबले का जिक्र करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि यदि भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय जनता दल के बीच सीधा मुकाबला होता है और भाजपा जीतती है तो इसके पीछे सरकार का समर्थन और धनबल बड़ी वजह होगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जो लोग पहले बिहार या बांकीपुर के लोगों के लिए आगे नहीं आए, वे अब चुनाव लड़ने का दावा कर रहे हैं।
महाराष्ट्र की राजनीति पर प्रतिक्रिया देते हुए पप्पू यादव ने उद्धव ठाकरे गुट के छह सांसदों के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने को लेकर कहा कि यदि शिंदे इतने प्रभावशाली नेता बन गए हैं तो भारतीय जनता पार्टी को बिना किसी हिचकिचाहट के उन्हें मुख्यमंत्री बना देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र की जनता भी एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहती है।
सोशल मीडिया आधारित राजनीति पर भी पप्पू यादव ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केवल सोशल मीडिया और प्रचार से बदलाव नहीं आता, बल्कि सड़क पर संघर्ष और जनआंदोलन ही राजनीति की असली ताकत होती है। राहुल गांधी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने हजारों किलोमीटर की पदयात्रा कर लगातार जनता के बीच संघर्ष किया है। पप्पू यादव ने कहा कि केवल सोशल मीडिया के भरोसे कोई राजनीतिक दल लंबे समय तक सफल नहीं हो सकता।
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