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12 जून 2026 का पंचांग: प्रदोष व्रत के साथ बन रहे शुभ योग, जानिए तिथि, मुहूर्त और राहुकाल का समय
jantaserishta.com
11 Jun 2026 9:29 AM IST

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नई दिल्ली: सनातन धर्म में पंचांग का विशेष महत्व होता है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, व्रत या धार्मिक आयोजन से पहले पंचांग देखकर ही समय और मुहूर्त निर्धारित किया जाता है। पंचांग न केवल तिथि, नक्षत्र और योग की जानकारी देता है, बल्कि दिन के शुभ और अशुभ समय के बारे में भी बताता है। इसी क्रम में 12 जून 2026, शुक्रवार का दिन धार्मिक दृष्टि से खास माना जा रहा है, क्योंकि इस दिन प्रदोष व्रत रखा जाएगा। इसके साथ ही कई महत्वपूर्ण योग भी बन रहे हैं, जो पूजा-पाठ और भगवान शिव की आराधना के लिए शुभ माने जाते हैं।
पंचांग के अनुसार, शुक्रवार को ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि रहेगी। यह तिथि शाम 7 बजकर 36 मिनट तक रहेगी। इसके बाद त्रयोदशी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। प्रदोष व्रत त्रयोदशी तिथि में किया जाता है, इसलिए शाम के समय भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व रहेगा। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से भगवान शिव की पूजा करने पर घर में सुख-शांति बनी रहती है और मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
वहीं, दिन की शुरुआत अश्विनी नक्षत्र में होगी, जो सुबह 6 बजकर 28 मिनट तक रहेगा। इसके बाद भरणी नक्षत्र शुरू हो जाएगा, और यह अगले दिन सुबह 4 बजकर 5 मिनट तक रहेगा। ज्योतिष के अनुसार, भरणी नक्षत्र को मेहनत, हिम्मत और आगे बढ़ने की शक्ति देने वाला माना जाता है। वहीं, योग की बात करें तो रात 9 बजकर 25 मिनट तक अतिगण्ड योग रहेगा। इसके बाद सुकर्मा योग शुरू होगा। सुकर्मा योग को अच्छे और शुभ कामों के लिए लाभदायक माना जाता है।
इन दिन चंद्रमा मेष राशि में रहेगा। वहीं सूर्य वृषभ राशि में स्थित है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मेष राशि में चंद्रमा का गोचर लोगों में उत्साह, आत्मविश्वास और कार्य करने की ऊर्जा बढ़ाने वाला माना जाता है। हालांकि किसी भी फैसले को जल्दबाजी में लेने से बचने की सलाह दी जाती है।
दिन के शुभ समय की बात करें तो अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 59 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। इस समय को दिन का सबसे अच्छा समय माना जाता है। अगर कोई जरूरी काम शुरू करना हो तो इस समय को अच्छा माना जाता है। इसके अलावा ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 8 मिनट से 4 बजकर 56 मिनट तक रहेगा। यह समय पूजा, ध्यान और भगवान का नाम लेने के लिए बहुत शुभ माना जाता है। वहीं अमृत काल रात 11 बजकर 45 मिनट से अगले दिन रात 1 बजकर 12 मिनट तक रहेगा।
अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल सुबह 10 बजकर 46 मिनट से दोपहर 12 बजकर 26 मिनट तक रहेगा। इस दौरान नया कार्य शुरू करने से बचना चाहिए। यमगण्ड काल दोपहर 3 बजकर 47 मिनट से शाम 5 बजकर 28 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा दुर्मुहूर्त सुबह 8 बजकर 25 मिनट से 9 बजकर 19 मिनट तक तथा दोपहर 12 बजकर 53 मिनट से 1 बजकर 47 मिनट तक रहेगा।
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