न्यूज

केरल में पार्टी की हार के बाद विजयन के खिलाफ खुला विद्रोह, नेतृत्व परिवर्तन की मांग तेज

jantaserishta.com
19 May 2026 1:17 PM IST
केरल में पार्टी की हार के बाद विजयन के खिलाफ खुला विद्रोह, नेतृत्व परिवर्तन की मांग तेज
x
तिरुवनंतपुरम: केरल विधानसभा चुनाव में सीपीआई (एम) को मिली हार ने पी. विजयन और राज्य सचिव एमवी. गोविंदन के नेतृत्व के खिलाफ एक अभूतपूर्व आंतरिक विद्रोह को जन्म दे दिया है। इसके चलते जिला समितियां, वरिष्ठ नेता और जमीनी स्तर के कार्यकर्ता खुले तौर पर जवाबदेही, नेतृत्व में बदलाव और पार्टी के भीतर पूरी तरह से राजनीतिक पुनर्गठन की मांग कर रहे हैं।
अलाप्पुझा से कन्नूर तक, पार्टी की बैठकें जो कभी विजयन के प्रति अटूट वफादारी के माहौल में होती थीं, अब तीखी आलोचना के मंच बन गई हैं। नेताओं और कार्यकर्ताओं, दोनों ने ही पार्टी की शर्मनाक हार का ठीकरा उन बातों पर फोड़ा है, जिन्हें वे अहंकार, व्यक्ति-केंद्रित कार्यशैली और एक ऐसी नेतृत्व शैली बताते हैं, जिसने आम लोगों और यहां तक कि पार्टी कार्यकर्ताओं को भी पार्टी से दूर कर दिया।
अलाप्पुझा जिला सचिवालय की बैठक में, जिसमें थॉमस आइजैक और साजी चेरियन जैसे वरिष्ठ नेता शामिल थे, कथित तौर पर तीखे सवाल उठाए गए कि चुनावी हार के बावजूद विजयन को ही क्यों असाधारण सुरक्षा और संरक्षण मिलता रहा।
सदस्यों ने मांग की कि वे विपक्ष के नेता के पद से इस्तीफा दें, साथ ही एमवी. गोविंदन की पत्नी पी.के. श्यामला को तालिपरम्बा से चुनाव लड़ाने के फैसले की भी आलोचना की, जहां उन्हें बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा।
कन्नूर में तो गुस्सा और भी ज्यादा था, जहां जिला समिति की चर्चाओं में शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ जबरदस्त आलोचना देखने को मिली। कार्यकर्ताओं ने खुले तौर पर नेतृत्व पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपनी कठोर और टकराव वाली राजनीति के जरिए पार्टी को जनता से दूर कर दिया है।
लंबे समय से सीपीआई (एम) का मजबूत गढ़ रहे तालिपरम्बा और पय्यानूर में मिली हार ने भी पार्टी को अंदर तक झकझोर दिया है। अब ऐसे आरोप भी सामने आ रहे हैं कि नेतृत्व द्वारा घोषित विशेष जांच आयोग का मकसद असली कमियों की पहचान करना कम, बल्कि लोगों के गुस्से को भटकाना और विरोध करने वालों, विशेष रूप से वरिष्ठ नेता पी. जयराजन, को अलग-थलग करना ज्यादा है।
पार्टी के भीतर बढ़ता यह विद्रोह राष्ट्रीय स्तर पर भी दिखाई देने लगा है। पोलित ब्यूरो सदस्य विजू कृष्णन ने ऑनलाइन पोलित ब्यूरो बैठक के दौरान विजयन के विपक्ष के नेता के पद पर बने रहने पर खुले तौर पर सवाल उठाया। उन्होंने यह तर्क दिया कि केरल में मिली हार सीधे तौर पर नेतृत्व की विफलता का ही नतीजा है।
उनके इस रुख को पार्टी कार्यकर्ताओं का जबरदस्त समर्थन मिला है। इनमें से कई कार्यकर्ता केरल में एक विशेष पूर्ण सत्र बुलाए जाने और यहां तक कि एम.वी. गोविंदन को पद से हटाने पर भी चर्चा किए जाने की मांग कर रहे हैं।
नेतृत्व पर दबाव बढ़ाते हुए, केंद्रीय समिति की सदस्य पी.के. श्रीमती ने सार्वजनिक रूप से इस हार को शर्मनाक और अपमानजनक बताया। उनकी इन टिप्पणियों को व्यापक रूप से विजयन-गोविंदन खेमे पर एक सीधे प्रहार के तौर पर देखा जा रहा है।
jantaserishta.com

jantaserishta.com

भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।

    Next Story