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Delhi दिल्ली। चिंतन रिसर्च फाउंडेशन के द्वितीय स्थापना दिवस समारोह में पूर्व नॉर्वेजियन मंत्री Erik Solheim ने भारत की ऊर्जा क्षेत्र में हो रही प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि देश अक्षय ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण के क्षेत्र में तेजी से वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ रहा है। अपने संबोधन में सोलहेम ने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियां उल्लेखनीय हैं। उन्होंने जलविद्युत, सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और बैटरी स्टोरेज क्षमता के विस्तार को ऊर्जा परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
सोलहेम ने विशेष रूप से Adani Group द्वारा विकसित बैटरी भंडारण परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि कंपनी ने बड़े पैमाने पर ऊर्जा भंडारण क्षमता विकसित की है। उनके अनुसार, मौजूदा बैटरी क्षमता विश्व स्तर पर महत्वपूर्ण स्थान रखती है और इसके विस्तार की योजनाएं भारत को ऊर्जा भंडारण क्षेत्र में और मजबूत बनाएंगी। उन्होंने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा और हरित विकास के लिए बैटरी स्टोरेज तकनीक अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह सौर और पवन ऊर्जा जैसी अक्षय ऊर्जा के प्रभावी उपयोग में मदद करती है। सोलहेम के अनुसार, भारत ने ऊर्जा क्षेत्र में निवेश, तकनीकी नवाचार और बुनियादी ढांचे के विकास के जरिए उल्लेखनीय प्रगति की है।
कार्यक्रम में उन्होंने यह भी कहा कि ऊर्जा संक्रमण केवल पर्यावरणीय आवश्यकता नहीं, बल्कि आर्थिक विकास और दीर्घकालिक स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण है। भारत की नीतियां और परियोजनाएं इस दिशा में सकारात्मक संकेत देती हैं। चिंतन रिसर्च फाउंडेशन के स्थापना दिवस कार्यक्रम में ऊर्जा, पर्यावरण और सतत विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने भारत की बढ़ती अक्षय ऊर्जा क्षमता और हरित विकास रणनीति को वैश्विक परिप्रेक्ष्य में महत्वपूर्ण बताया।
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