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'प्रधानमंत्री शिशु योजना' के नाम से चल रही फर्जी वेबसाइट, पुलिस ने किया भंडाफोड़... तीन आरोपी गिरफ्तार

Janta se Rishta
18 Aug 2020 5:42 PM GMT
प्रधानमंत्री शिशु योजना के नाम से चल रही फर्जी वेबसाइट, पुलिस ने किया भंडाफोड़... तीन  आरोपी गिरफ्तार
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जनता से रिश्ता वेबडेस्क|दिल्ली पुलिस ने प्रधानमंत्री शिशु योजना के नाम से चल रही फर्जी वेबसाइट का भंडाफोड़ कर 3 लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, ये लोग प्रधानमंत्री शिशु विकास योजना के नाम से वेबसाइट चला रहे थे और इस पर फेक योजना चलाते थे. इनके टारगेट पर स्कूल के बच्चे होते थे. ये लोग स्कूली बच्चों के पैरेंट्स को जाल में फंसाते. योजनाएं इतनी आकर्षक बनाते कि लोग इनके बनाए जाल में फंस जाते.

एक बार कोई भी इनके जाल में फंस जाता तो ये अलग-अलग योजनाओं के नाम पर उनसे पैसे वसूलते. अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, इन शातिर ठगों ने अब तक 15 हजार से ज्यादा लोगों को अपना शिकार बनाया है. राष्ट्रीय स्वास्थ्य विभाग के डायरेक्टर ने दिल्ली पुलिस में शिकायत दी थी कि www.pmsvy-cloud.in के नाम से एक जाली वेबसाइट चलाई जा रही है. शिकायत में कहा गया कि ये लोग जाली वेबसाइट चला कर कई लोगों से ठगी कर रहे हैं.

पुलिस ने शिकायत मिलते ही इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली और जांच शुरू कर दी. टेक्निकल तफ्तीश के जरिए पुलिस ने इस मामले में पटना के रहने वाले नीरज पांडे और अयोध्या के रहने वाले अशोक यादव को गिरफ्तार कर लिया.

इन दोनों ने इस फर्जी योजना में 15 हजार से अधिक व्यक्तियों को रजिस्टर किया. इतना ही नहीं इस डेटाबेस का उपयोग करके स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में अस्पतालों और अन्य संस्थाओं से कमीशन प्राप्त करने की योजना थी. उन्होंने पहले से पंजीकृत सदस्यों को अन्य फर्जी योजनाओं की पेशकश करने और उन्हें धोखा देने की साजिश भी जारी रखी थी.

सुवेंदर ने अलग से अपना धोखाधड़ी धंधा शुरू कर दिया

पूछताछ में नीरज पांडे ने पुलिस को बताया कि इस तरह की एक और जाली वेबसाइट सुवेंदर सिंह नाम का आदमी पटना से ही चला रहा है. नीरज ने बताया के ये लोग पहले साथ काम करते थे लेकिन बाद में सुवेंदर ने अलग से अपना धोखाधड़ी धंधा शुरू कर दिया. इसके बाद पुलिस ने सुवेंदर को भी गिरफ्तार कर लिया.

आरोपी नीरज पांडे ने बीसीए की पढ़ाई की है जबकि आदर्श यादव ने एमबीए किया है. ये लोग ठगी का धंधा बड़े पैमाने पर कर रहे थे. पुलिस के मुताबिक ये लोग पीएम शिशु विकास योजना के तहत बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा के नाम पर बीमा करते, और कहते कि बड़े होने पर इन्हें इसका बहुत फायदा मिलेगा. इन लोगों ने हर राज्य में प्रदेश प्रमुख नियुक्त किया था. जिनके नीचे शहर प्रमुख होता, ये लोग ज्यादा से ज्यादा बच्चे रजिस्टर हों इसके लिए इस तरह से काम कर रहे थे.

हर बच्चे के रजिस्ट्रेशन का ये 250 रुपए लेते थे. इसमें से 50 रुपए एजेंट को और 50 रुपए में शहर प्रमुख और प्रदेश प्रमुख हिस्सा देते बाकी का 150 सीधे शातिर ठगों के पास जाता था. पुलिस अब ये पता लगा रही है कि इन सबके पीछे कोई और शख्स भी तो शामिल नहीं था.

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