न्यूज
कच्चे तेल की कीमत घटने का मतलब तुरंत पेट्रोल-डीजल सस्ता होना नहीं: मंत्री
jantaserishta.com
18 Jun 2026 2:19 PM IST

x
नई दिल्ली: पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस तथा पर्यटन राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने गुरुवार को कहा कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आने का मतलब यह नहीं है कि भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें तुरंत कम हो जाएंगी।
गोपी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि घरेलू ईंधन कीमतों को तय करने में कई कारक भूमिका निभाते हैं। इनमें कम कीमत पर खरीदे गए कच्चे तेल को भारत तक पहुंचने में लगने वाला समय भी शामिल है। उन्होंने कहा कि हाल में ईंधन की कीमतों में हुई बढ़ोतरी को केवल इसलिए तुरंत वापस नहीं लिया जा सकता क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कुछ नरम हुई हैं।मंत्री ने कहा, "इसमें समय लगेगा क्योंकि कम कीमत वाला कच्चा तेल होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते भारत पहुंचेगा। वहां जहाजों की आवाजाही काफी अधिक रहेगी। हालात को सामान्य होने में समय लगेगा।"
सुरेश गोपी ने कहा कि इस साल पश्चिम एशिया में हुए संघर्ष के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार में आई अस्थिरता का असर सरकारी तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) पर काफी पड़ा। उनके अनुसार, कच्चे तेल की बढ़ी कीमतों से उपभोक्ताओं को बचाने के लिए सरकार ने इस अतिरिक्त बोझ का बड़ा हिस्सा खुद वहन किया।
उन्होंने कहा, "इस असर को अपने ऊपर लेने के कारण सरकार को 12,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। किसी भी राज्य सरकार ने ऊंची ईंधन कीमतों के दौरान अपने करों में कमी करके राजस्व नहीं छोड़ा। केंद्र सरकार को भी देश चलाना है और तेल कंपनियों को भी टिके रहना है।"
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें केवल अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के भाव पर निर्भर नहीं करतीं, बल्कि बाजार और परिवहन से जुड़े कई अन्य कारकों को भी ध्यान में रखा जाता है। गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड लगभग 1.64 प्रतिशत गिरकर करीब 78 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड की कीमत भी लगभग 2 प्रतिशत घटकर करीब 75 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई। कच्चे तेल की कीमतों में यह गिरावट पश्चिम एशिया में तनाव कम करने की दिशा में हुई कूटनीतिक प्रगति के बाद देखने को मिली है। निवेशकों को उम्मीद है कि क्षेत्र में हालात सामान्य होने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव कम होगा।
jantaserishta.com
भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।
Next Story





